इस्मा के अध्यक्ष द्वारा सरकार से चीनी का एमएसपी बढ़ाने का जोरदार आग्रह
19-Dec-2024 08:29 PM
नई दिल्ली (भारती एग्री एप्प)। स्वदेशी चीनी उद्योग की शीर्ष संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) के अध्यक्ष ने एक बार फिर केन्द्र सरकार से चीनी के एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोत्तरी करने का जोरदार आग्रह किया है।
उनका कहना है कि विभिन्न क्षेत्रों से एकत्रित आंकड़ों के आधार पर इस्मा ने 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में चीनी का उत्पादन खर्च बढ़कर 41.66 रुपए प्रति किलो की ऊंचाई पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है।
गन्ना के एफआरपी में हुई वृद्धि के अनुरूप चीनी का लागत खर्च आंका गया है। एमएसपी में बढ़ोत्तरी होने पर चीनी उद्योग की वित्तीय स्थिति सुधर सकती है।
सीमा अध्यक्ष के अनुसार सरकार ने 2024-25 के मार्केटिंग सीजन हेतु एथनॉल निर्माण में गन्ना जूस एवं सीरप के इस्तेमाल पर लगी रोक को हटाने का जो निर्णय लिया है वह स्वागत योग्य है।
इसके फलस्वरूप चालू सीजन में एथनॉल निर्माण में चीनी का उपयोग बढ़कर 40 लाख टन के करीब पहुंच जाने की उम्मीद है। अध्यक्ष महोदय के मुताबिक वर्ष 2018 से ही सरकार ने शीरा पर आधारित एथनॉल के लिए अलग मूल्य निर्धारण का नियम लागू कर रखा है लेकिन बढ़ती लागत एवं इनपुट खर्च में हो रही वृद्धि को देखते हुए विभिन्न स्रोतों से निर्मित एथनॉल के मूल्य की समीक्षा किए जाने की सख्त आवश्यकता है।
उम्मीद है कि एथनॉल के मूल्य का आंकलन गन्ना की कीमतों के सापेक्ष किया जाएगा जिसका प्रस्ताव इस्मा ने रखा है। कीमतों में अपेक्षित बढ़ोत्तरी होने पर नए प्रोजेक्ट के लिए किए जाने वाले निवेश पर बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी
और पिछले मार्केटिंग सीजन में गन्ना जूस / सीरप के उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध के कारण हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई भी संभव हो सकेगी। चीनी मिलों को एथनॉल उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए कीमतों में इजाफा होना आवश्यक है।
