जीएसटी में कटौती होने से सूखे मेवों की खपत बढ़ने की संभावना

08-Oct-2025 09:16 PM

नई दिल्ली। सूखे मेवों एवं फलियों (ड्राई फ्रूट्स एंड नट्स) पर जीएसटी की दर को घटाकर 5 प्रतिशत नियत किए जाने से इस वर्ष त्यौहारी सीजन में इसकी मांग एवं खपत बढ़ने की उम्मीद है। ड्राईड फ्रूट्स काउन्सिल (इंडिया) के अध्यक्ष का कहना है कि जीएसटी दर में कटौती होने से सूखे मेवों का दाम कुछ घट जाएगा।

हालांकि काजू, मुनक्का एवं अखरोट पर पहले से ही 5 प्रतिशत का जीएसटी लगा हुआ था लेकिन बादाम एवं पिस्ता जैसे सूखे मेवों पर 12 प्रतिशत का जीएसटी लगा हुआ था। इसमें रोस्टेड काजू भी शामिल है।

जिन सूखे मेवों को मूल्य संवर्धित उत्पाद की श्रेणी में रखा गया था इस पर 12 प्रतिशत का जीएसटी ही लगाया गया था मगर अब उसे घटाकर 5 प्रतिशत नियत कर दिया गया है। इससे  खपत बढ़ने में सहायता मिलेगी। 

सूखे मेवों पर जीएसटी दर को घटाने की मांग पहले से ही हो रही थी और अब इसे स्वीकार किया गया है। सरकार के इस निर्णय से यह क्षेत्र खुश है क्योंकि पहले इस पर जीएसटी को बढ़ाकर 18 प्रतिशत नियत करने का प्रस्ताव रखा गया था। 

नवरात्रि एवं दुर्गापूजा का त्यौहार होने के बाद सूखे मेवों के कारोबारियों का ध्यान दीपावली की मांग पर केन्द्रित हो गया है जो अब ज्यादा दूर नहीं है।

देश में सूखे मेवों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और कीमतों में भी कोई अप्रत्याशित उछाल नहीं आया है। दीपावली में इसकी मांग एवं खपत तेजी से बढ़ने की परिपाटी रही है। दिसावरी मांग निकलने के संकेत मिल रहे है जबकि आगे भी इसके बरकरार रहने की उम्मीद है।