जुलाई में विभिन्न कृषि उत्पादों के निर्यात-आयात के स्तर में बदलाव
19-Aug-2025 12:41 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम मासिक आंकड़ों से पता चलता है कि जुलाई 2024 की तुलना में जुलाई 2025 के दौरान विभिन्न कृषि एवं खाद्य उत्पादों के निर्यात-आयात के स्तर में बदलाव हुआ।
इसके तहत चावल का निर्यात करीब 11 प्रतिशत बढ़कर 92.143 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। इसी तरह मसालों का निर्यात भी 4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 34.752 करोड़ डॉलर पर पहुंचा।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन अवधि के दौरान फसलों और सब्जियों का निर्यात करीब 7 प्रतिशत बढ़कर 29.641 करोड़ डॉलर, तिलहनों का निर्यात 23 प्रतिशत उछलकर 15.102 करोड़ डॉलर,
चाय का निर्यात 19 प्रतिशत बढ़कर 9.469 करोड़ डॉलर, कॉफी का 67 प्रतिशत उछलकर 17.424 करोड़ डॉलर तथा काजू का 11 प्रतिशत सुधरकर 2.216 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया।
दूसरी ओर जुलाई 2024 के मुकाबले जुलाई 2025 में देश से ऑयल मील का निर्यात 35 प्रतिशत घटकर 8.540 करोड़ तथा पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 25 प्रतिशत गिरकर 4.34 अरब डॉलर रह गया।
जुलाई 2025 में विदेशों से दलहनों का आयात करीब 52 प्रतिशत घटकर 14.190 करोड़ डॉलर पर अटक गया मगर रूई एवं कॉटन वैस्ट का आयात 39 प्रतिशत बढ़कर 12.031 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया।
इस अवधि के दौरान सोना-चांदी के आयात में भी भारी बढ़ोत्तरी हुई। इसी तरह वनस्पति तेल का आयात खर्च 4 प्रतिशत बढ़कर 1.93 अरब डॉलर तथा फलों-सब्जियों का आयात 29 प्रतिशत बढ़कर 28.182 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। डेयरी उत्पादों के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई।
भारत से चावल का निर्यात बड़े पैमाने पर होता है। वस्तुतः भारत दुनिया में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का सबसे प्रमुख निर्यातक देश है। यहां से संसार के विभिन्न देशों को बासमती एवं सामान्य-दोनों श्रेणियों के चावल का भारी निर्यात किया जाता है।
इसके अलावा भारत मसालों का भी सबसे बड़ा निर्यातक देश है। लेकिन खाद्य तेलों एवं दलहनों के आयात में यह विश्व के अन्य देशों से आगे रहता है।
जुलाई में देसी चना, मसूर एवं मटर का आयात अपेक्षाकृत कम हुआ जिससे खर्च में काफी गिरावट आ गई। लेकिन खाद्य तेलों की आयात मात्रा में वृद्धि होने से आयात खर्च भी बढ़ गया।
