जुलाई तक ऑयलमील के निर्यात में 2.4 प्रतिशत की गिरावट
20-Aug-2025 05:46 PM
मुम्बई। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में यानी अप्रैल-जुलाई 2025 के दौरान देश से कुल 15.17 लाख टन ऑयल मील का निर्यात हुआ जो वित्त वर्ष 2024-25 की समान अवधि के शिपमेंट 15.54 लाख टन से 37 हजार टन या 2.4 प्रतिशत कम रहा।
गत वर्ष की तुलना में इस बार सोयामील का निर्यात 6.92 लाख टन से घटकर 6.77 लाख टन, रेपसीड मील का शिपमेंट 7.58 लाख टन से गिरकर 7.41 लाख टन तथा अरंडी मील का निर्यात 1.01 लाख टन से फिसलकर 85 हजार टन पर अटक गया मगर मूंगफली एक्सट्रैक्शन का निर्यात 3 हजार टन से उछलकर 14 हजार टन पर पहुंच गया।
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार वर्ष - 2024 के 2025 के अप्रैल में ऑयल मील का निर्यात 4.65 लाख टन से सुधरकर 4.66 लाख टन तथा मई में 3.02 लाख टन से बढ़कर 3.15 लाख टन पर पहुंचा था मगर जून में 3.35 लाख टन से गिरकर 3.13 लाख टन तथा जुलाई में 4.52 लाख टन से घटकर 4.22 लाख टन रह गया।
जुलाई 2025 में देश से करीब 1.84 लाख टन सोया डीओसी, 2.09 लाख टन सरसों खल (रेपसीड मील), 1550 टन मूंगफली एक्सट्रैक्शन तथा 28 हजार टन अरंडी मील का निर्यात शिपमेंट किया गया। राइस ब्रान एक्सट्रैक्शन के निर्यात पर लम्बे समय से प्रतिबंध लगा हुआ है जिससे उद्योग को काफी परेशानी हो रही है।
भारतीय बंदरगाहों पर फ्री ऑन बोर्ड औसत इकाई निर्यात ऑफर मूल्य जून की तुलना में जुलाई के दौरान सोयामील का 389 डॉलर प्रति टन से घटकर 385 डॉलर प्रति टन तथा रेपसीड मील का 198 डॉलर प्रति टन से गिरकर 196 डॉलर प्रति टन रह गया जबकि अरंडी मील का निर्यात ऑफर मूल्य 79 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 88 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया।
जुलाई 2024 में सोयामील का ऑफर मूल्य 489 डॉलर प्रति टन, रेपसीड मील का 286 डॉलर प्रति टन एवं अरंडी मील का 84 डॉलर प्रति टन दर्ज किया गया था। चीन में भारतीय रेपसीड मील की मांग बढ़ने लगी है जिससे आगामी महीनों में देश से इसका निर्यात प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है। सोयामील का निर्यात बढ़ाने पर जोर देने की आवश्यकता है।
