जून 2025 तक खाद्य निगम के गोदामों से 139.56 लाख टन चावल की निकासी

19-Aug-2025 03:37 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) तथा एथनॉल निर्माण योजना के  अंतर्गत अपने स्टॉक से चावल की आपूर्ति की जाती है।

केन्द्रीय एजेंसियों- नैफेड, एनसीसीएफ तथा केन्द्रीय भंडार को भारत ब्रांड नाम के तहत रियायती मूल्य पर बेचने के लिए भी चावल का स्टॉक उपलब्ध करवाया जाता है। 

खाद्य निगम के आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान सभी मदों में उसके स्टॉक से कुल 550.73 लाख टन चावल की आपूर्ति की गई।

इसकी मात्रा 2022-23 में उछलकर 638.06 लाख टन पर पहुंची मगर 2023-24 में घटकर 398.63 लाख टन पर अटक गई। 2024-25 में जून 2025 तक खाद्य निगम के गोदामों से 139.56 लाख टन चावल का उठाव हुआ जिसमें सभी स्कीमों के तहत 126.08 लाख टन की आपूर्ति शामिल है जबकि एथनॉल निर्माताओं को 13.48 लाख टन चावल बेचा गया। ओएमएसएस में चावल की बिक्री नहीं हुई।

विभिन्न सरकारी योजनों के अंतर्गत 2021-22 में 537.77 लाख टन, 2022-23 में 620.23 लाख टन, 2023-24 में 381.42 लाख टन तथा 2024-25 (जून तक) में 126.08 लाख टन चावल की आपूर्ति की गई।

इसी तरह खुले बाजार बिक्री योजना के तहत 2021-22 में 11.27 लाख टन, 2022-23 में 2.68 लाख टन तथा 2023-24 में 8.25 लाख टन चावल का उठाव हुआ।

एथनॉल निर्माण के लिए डिस्टीलरीज को 2021-22 में 1.69 लाख टन, 2022-23 में 15.15 लाख टन तथा 2023-24 में 8.96 लाख टन चावल का स्टॉक उपलब्ध करवाया गया।

2024-25 में इसकी मात्रा जून तक 13.48 लाख टन दर्ज की गई। एथनॉल निर्माताओं के लिए सरकार ने पहले 24 लाख टन चावल का कोटा आवंटित किया था जिसे बाद में 28 लाख टन बढ़ाकर 52 लाख टन निर्धारित कर दिया।

खाद्य निगम के पास अब भी चावल का अत्यन्त विशाल स्टॉक मौजूद है जबकि अक्टूबर-नवम्बर से इसके नए माल की आपूर्ति भी शुरू हो जाएगी।