जनवरी-जून की छमाही में 3.63 लाख टन अरंडी तेल का निर्यात
12-Aug-2025 05:17 PM
मुम्बई। एक अग्रणी उद्योग संस्था- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि भारत से मौजूदा कैलेंडर वर्ष की पहली छमाही में यानी जनवरी-जून 2025 के दौरान कुल 3,64,111 टन अरंडी तेल का निर्यात हुआ जो वर्ष 2024 की समान अवधि के शिपमेंट से कम रहा।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल के समान महीनों की तुलना में चालू वर्ष के दौरान अरंडी तेल का निर्यात जनवरी में 53,204 टन से फिसलकर 52,926 टन, फरवरी में 65,663 टन से गिरकर 58,092 टन अप्रैल में 72,801 टन से घटकर 63,373 टन, मई में 89,786 टन से लुढ़ककर 68,982 टन तथा जून में 59,737 टन से गिरकर 56,412 टन पर अटक गया लेकिन मार्च में यह निर्यात 65,170 टन सुधरकर 65,326 टन पर पहुंच गया।
एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 की सम्पूर्ण अवधि (जनवरी-दिसम्बर) के दौरान देश से कुल 6,49,510 टन अरंडी तेल का निर्यात हुआ था जबकि इसकी मात्रा वर्ष 2023 में 6,29,418 टन तथा वर्ष 2022 में 5,82,399 टन दर्ज की गई थी। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारत से अरंडी तेल के वार्षिक निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी हो रही है।
अरंडी तेल का उपयोग मुख्यतः औद्योगिक उद्देश्य में होता है और चीन सहित दुनिया के अनेक देश भारत से बड़े पैमाने पर इसका नियमित रूप से आयात करते हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत संसार में अरंडी का सबसे बड़ा उत्पादक और अरंडी तेल तथा अरंडी मील का सबसे प्रमुख निर्यातक देश है। अरंडी के मूल्य संवर्धित उत्पादों के वैश्विक निर्यात बाजार पर भारत का वर्चस्व कायम है और दूर-दूर तक कोई अन्य देश इसे चुनौती देने की स्थिति में नहीं हैं।
भारत में अरंडी का सर्वाधिक उत्पादन गुजरात तथा राजस्थान में होता है जबकि आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना सहित कुछ अन्य राज्यों में भी इसकी थोड़ी-बहुत पैदावार होती है।
