जनवरी में खाद्य तेलों का आयात घटकर 10.08 लाख टन पर सिमटा
13-Feb-2025 01:40 PM
मुम्बई। प्रमुख निर्यातक देशों- इंडोनेशिया- मलेशिया एवं थाईलैंड में निर्यात ऑफर मूल्य अत्यन्त ऊंचा रहने से भारत में जनवरी 2025 के दौरान पाम तेल का आयात लुढ़ककर 2.75 लाख टन पर अटक गया जो दिसम्बर 2024 के आयात 5 लाख टन तथा नवम्बर के आयात 8.42 लाख टन से काफी कम रहा।
दूसरी ओर सोयाबीन का आयात नवम्बर के 4.08 लाख टन तथा दिसम्बर के 4.21 लाख टन से सुधरकर जनवरी में 4.44 लाख टन पर पहुंचा।
जनवरी 2025 में 2.88 लाख टन सूरजमुखी तेल का आयात हुआ जो दिसम्बर के आयात 2.65 लाख टन से ज्यादा मगर नवम्बर के आयात 3.41 लाख टन से कम रहा।
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) के नवीनतम मासिक आंकड़ों के अनुसार चालू मार्केटिंग सीजन की पहली तिमाही में यानी नवम्बर 2024 में 2025 के दौरान देश में 16.17 लाख टन पाम तेल, 12.72 लाख टन सोयाबीन तेल तथा 8.94 लाख टन सूरजमुखी तेल के साथ कुल 37.84 लाख टन खाद्य तेल का आयात हुआ
जबकि नवम्बर 2023 से जनवरी 2024 की तिमाही में 25.47 लाख टन पाम तेल, 4.91 लाख टन सोयाबीन तेल एवं 6.10 लाख टन सूरजमुखी तेल सहित कुल 36.48 लाख टन खाद्य तेल मंगाया गया था।
उपरोक्त आंकड़ों से पता चलता है कि पिछली तिमाही के मुकाबले इस बार पाम तेल के आयात में जबरदस्त गिरावट आई जबकि सॉफ्ट तेलों- सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल के आयात में जोरदार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
उद्योग-व्यापार क्षेत्र के विश्लेषक पहले से ही जनवरी 2025 में पाम तेल का आयात लुढ़ककर 2.70-2.75 लाख टन पर सिमट जाने का अनुमान लगा रहे थे।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान रिफाइंड खाद्य तेल (मुख्यत: आरबीडी पामोलीन) का आयात 6.67 लाख टन से घटकर 4.80 लाख टन पर सिमट गया जबकि क्रूड खाद्य तेलों का आयात 29.80 लाख टन से बढ़कर 33.03 लाख टन पर पहुंच गया।
दरअसल क्रूड पाम तेल एवं आरबीडी पामोलीन का भाव निर्यातक देशों में काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है जिससे भारतीय रिफाइनर्स को सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का आयात बढ़ाने का प्रोत्साहन मिल रहा है।
यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। ब्राजील तथा अर्जेन्टीना में सोयाबीन की नई फसल की कटाई-तैयारी आरंभ हो गई है। काला सागर क्षेत्र में सूरजमुखी की फसल पहले ही आ चुकी है।
