जनवरी में ऑस्ट्रेलिया से मसूर के निर्यात में 20 प्रतिशत की गिरावट

06-Mar-2025 01:07 PM

मेलबोर्न। मसूर के एक अग्रणी उत्पादक एवं निर्यातक देश- ऑस्ट्रेलिया से इस महत्वपूर्ण दलहन के निर्यात का प्रदर्शन दिसम्बर की तुलना में जनवरी के दौरान कमजोर रहा।

सरकारी संस्था- ऑस्ट्रेलिया सांख्यिकी ब्यूरो (एबीएस) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार दिसम्बर 2024 में देश से करीब 2,50,655 टन मसूर का निर्यात हुआ था जो जनवरी 2025 में 20 प्रतिशत घटकर 2,01,554 टन पर अटक गया।

जनवरी 2025 में ऑस्ट्रेलिया से भारत को सर्वाधिक 99,806 टन मसूर का शिपमेंट किया गया जबकि बांग्ला देश को 60,749 टन तथा श्रीलंका को 21,847 टन का निर्यात हुआ।

ऑस्ट्रेलियाई मसूर के आयात में बांग्ला देश दूसरे तथा श्रीलंका  तीसरे नंबर पर रहा। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया से कई अन्य देशों को भी थोड़ी बहुत मात्रा में मसूर की खेप भेजी गई। 

दिसम्बर-जनवरी के दो महीनों के दौरान ऑस्ट्रेलिया से 2.52 लाख टन से अधिक मसूर का निर्यात हुआ जो पिछले साल की समान अवधि के निर्यात 4.29 लाख टन से अधिक रहा। 

सरकारी एजेंसी- अबारेस ने ऑस्ट्रेलिया में मसूर के उत्पादन में भारी गिरावट आने की संभावना व्यक्त की है जिससे वहां इसके निर्यात योग्य स्टॉक में काफी कमी आ जाएगी।

इधर भारत में 31 मार्च 2025 तक मसूर के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा निर्धारित है। यदि इसे आगे नहीं बढ़ाया जाता है तो इस पर पुनः सीमा शुल्क लागू हो जाएगा।

खाद्य मंत्रालय ने मसूर के शुल्क मुक्त आयात को बंद करने की सिफारिश की है क्योंकि इसका भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आ गया है। भारत में मसूर का सर्वाधिक आयात कनाडा तथा ऑस्टेलिया से होता है।

मसूर की नई घरेलू फसल की जोरदार आवक अगले कुछ सप्ताहों में शुरू हो जाएगी जिससे इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता और भी बढ़ेगी।

सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मसूर की सम्पूर्ण विपणन योग्य मात्रा की खरीद करने की घोषणा की है ताकि किसानों को राहत मिल सके।