जनवरी में समुद्री सतह का तापमान ला नीना के आधार से भी नीचे आने का अनुमान
25-Dec-2024 06:21 PM
ब्रिसबेन । प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान (एसएसटी) घटता जा रहा है और अगले महीने यानी जनवरी 2025 में यह गिरकर उस आधार स्तर से भी नीचे जा सकता है जो ला नीना मौसम चक्र की उत्पत्ति के लिए आवश्यक माना जाता है।
दूसरी ओर यह एसएसटी अप्रैल 2025 तक अल नीनो- सॉदर्न ऑसिलेशन (सन्सो) के प्रति उदासीन श्रेणी में बरकरार रहने की संभावना है।
इसका मतलब यह हुआ कि अगले चार महीनों के दौरान अल नीनो मौसम चक्र के आने की उम्मीद नहीं रहेगी मगर ला नीना की सक्रियता कायम रह सकती है।
अमरीकी मौसम केन्द्र के अनुसार एक मजबूत एवं जोरदार ला नीना की उम्मीद तो लगभग शून्य के बराबर है लेकिन दिसम्बर से फरवरी के बीच इसकी उत्पत्ति होने के 72 प्रतिशत आसार हैं।
उधर ऑस्ट्रेलियाई मौसम ब्यूरो (बोम) ने कहा है कि मध्यवर्ती ट्रॉपिकल प्रशांत क्षेत्र में एसएसटी सन्सो न्यूट्रल रेंज में रहने की संभावना है जो मौसम सम्बन्धी मॉडल से संकेत मिलता है।
इसके अलावा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अन्य 6 में से 4 मॉडल भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं। सन्सो का न्यूट्रल होना ला नीना के उत्पन्न होने का कारण बनेगा।
बोम के अनुसार नवम्बर से ही सन्सो न्यूट्रल (उदासीन) जोन में है और ला नीना के उदय का आधार तैयार कर रहा है। हाल के सप्ताहों में व्यापारिक हवा का प्रवाह भी इसके अनुकूल हुआ है।
ला नीना के आने से भारतीय उप महाद्वीप में मानसून- पूर्व की अच्छी बारिश हो सकती है जबकि लैटिन अमरीकी देशों में मौसम बिगड़ सकता है।
इससे खासकर ब्राजील अर्जेन्टीना उरुग्वे, पराग्वे और कुछ हद तक मैक्सिको जैसे देशों के कुछ भागों में सूखा पड़ने तथा कुछ अन्य इलाकों में जोरदार बारिश के साथ बाढ़ आने की आशंका रहेगी। लैटिन अमरीका में फसलों की बिजाई अभी समाप्त नहीं हुई है।
अमरीकी मौसम पूर्वानुमान केन्द्र के मुताबिक विषुवत (भूमध्य) रेखा के नजदीक पूर्वी एवं मध्यवर्ती प्रशांत महासागर के अधिकांश क्षेत्रों में एसएसटी अभी या तो औसत स्तर के आसपास या उससे नीचे चल रहा है।
