जोरदार बारिश एवं जल जमाव से खरीफ फसलों को नुकसान

21-Aug-2025 01:46 PM

नई दिल्ली। देश के पश्चिमी, मध्यवर्ती एवं दक्षिणी राज्यों में मानसून की जोरदार बारिश होने, खेतों में पानी जमा हो जाने तथा बाढ़ का परिदृश्य बनने से दलहन, तिलहन एवं कपास सहित अन्य खरीफ फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान होने की आशंका है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार उड़द, तुवर, मूंग, सोयाबीन एवं कपास आदि की फसल को ज्यादा क्षति हो सकती है क्योंकि वह ज्यादा समय तक पानी के जमाव को सहन नहीं कर पाती है।

महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक जैसे राज्यों में भारी वर्षा हुई है और अब भी कहीं-कहीं जारी है। इससे विशाल भूभाग में खेत जलमग्न हो गए हैं।

व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक मुम्बई में दालों, खाद्य तेलों, फसलों एवं सब्जियों का भाव पिछले कुछ दिनों में घटकर नीचे आ गया क्योंकि अत्यन्त मूसलाधार वर्षा के कारण खरीदारों को मंडियों तक पहुंचने में भारी कठिनाई हुई।

दलहन-तिलहन के साथ-साथ महाराष्ट्र में सब्जियों की फसल को भी हानि हुई है इसलिए बारिश का दौर थमने के बाद इसके दाम में तेजी-मजबूती का माहौल बन सकता है।

वैसे विदेशों से आयातित दलहनों एवं खाद्य तेलों का समुचित स्टॉक मौजूद होने के कारण इसकी कीमतों में जोरदार तेजी आना मुश्किल लगता है। रूई का आयात भी बढ़ा है। 

दलहन-तिलहन की फसल को अन्य राज्यों में भी नुकसान हो रहा है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर इसका बिजाई क्षेत्र उत्साहवर्धक नहीं है। सोयाबीन एवं मूंगफली तथा तुवर का क्षेत्रफल गत वर्ष से पीछे चल रहा है जबकि मूंग एवं उड़द के रकबे में भी कम बढ़ोत्तरी हुई है।

ऐसी हालत में यदि प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को नुकसान होता है और उत्पादन में कमी आती है तो न केवल विदेशों से इसके आयात पर निर्भरता बढ़ जाएगी बल्कि घरेलू बाजार  में भाव भी ऊंचा उठ सकता है।

काफी मशक्कत के बाद सरकार को दाल दलहन बाजार में स्थिरता का माहौल बनाने में सफलता मिली है लेकिन आगे स्थिरता का बरकरार रहना कठिन लगता है।