जूट की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया बड़ा कदम।

21-Apr-2026 02:20 PM

जूट की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया बड़ा कदम।
सरकार ने सभी रजिस्टर्ड कच्चा जूट बैलर्स को निर्देश दिया है कि वे 5 मई तक अपने पास मौजूद पूरा स्टॉक बेच दें। इसके साथ ही 15 मई तक इसकी फिजिकल डिलीवरी पूरी करनी होगी।
गैर-रजिस्टर्ड बैलर्स और जूट व्यापारियों को भी स्टॉक बेचने के लिए कहा गया है, हालांकि उनके लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है।
पिछले कुछ महीनों में कच्चे जूट की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है, जो 2025-26 के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी ऊपर चल रही हैं। इससे बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जूट मिल्स और प्रोसेसिंग यूनिट्स अब केवल 45 दिनों की जरूरत के बराबर ही स्टॉक रख सकेंगी। बिना बैलिंग प्रेस वाले अनरजिस्टर्ड बैलर्स को भी अपना स्टॉक खत्म करना होगा।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे प्लास्टिक बैग्स की उपलब्धता कम हुई है। ऐसे में जूट पैकेजिंग की मांग बढ़ गई है, जिसने कीमतों को और ऊपर धकेला है।
साथ ही गेहूं, चना, मसूर, उड़द, सरसों, उड़द, मूंग की खरीद भी चल रही है जिसके चलते कीमतों में बढ़ोतरी आई।
कीमतें बढ़ने से उपरोक्त जिंसों की लगत कीमतें भी बढ़ रही है।