कीड़ों के आघात से गन्ना की फसल को नुकसान- चीनी का उत्पादन घटने की संभावना

06-Dec-2024 11:26 AM

नई दिल्ली । देश के तीनों शीर्ष गन्ना उत्पादक राज्यों - उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में फसल पर कीड़ों-रोगों का प्रकोप देखा जा रहा है जिससे इसकी पैदावार में और कमी आने की संभावना है।

इससे न केवल चीनी के उत्पादन में गिरावट आ सकती है बल्कि एथनॉल निर्माण के लिए भी गन्ना की आपूर्ति एवं उपलब्धता घट सकती है। 

उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने अपने प्रथम अग्रिम अनुमान के तहत राष्ट्रीय स्तर पर गन्ना का उत्पादन 2023-24 सीजन के 4531.58 लाख टन से 132.28 लाख टन घटकर 2024-25 के सीजन में 4399.30 लाख टन पर अटक जाने की संभावना व्यक्त की है मगर अब इसकी पैदावार उससे भी काफी कम होने की आशंका है। 

इसके कुछ आरंभिक संकेत भी मिलने लगे हैं। चालू मार्केटिंग सीजन के शुरूआती दो महीनों में यानी अक्टूबर-नवम्बर 2024 के दौरान पिछले सीजन की समान अवधि के मुकाबले चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में 13.05 लाख टन से गिरकर 12.90 लाख टन,

महाराष्ट्र में 13.50 लाख टन से लुढ़ककर 4.60 लाख टन तथा कर्नाटक में 11 लाख टन से घटकर 7 लाख टन रह गया। नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज के इन आंकड़ों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन की स्थिति संतोषजनक नहीं है। 

वैसे चीनी के उत्पादन में आई इस गिरावट के एक मुख्य कारण महाराष्ट्र में गन्ना की क्रशिंग देर से शुरू होना तथा क्रियाशील मिलों की संख्या भी पिछले साल से कम रहना माना जा रहा है।

उम्मीद की जा रही है कि आगामी समय में चीनी के उत्पादन की स्थिति कुछ बेहतर होगी क्योंकि अब सभी उत्पादक राज्यों में गन्ना की क्रशिंग जोर शोर से होने लगी है। 

उत्तर प्रदेश के मिलर्स का कहना है कि जिन इलाकों में सीओ 0238 वैरायटी के गन्ना की खेती हुई है वहां रेड रोट कीट के प्रकोप के कारण पैदावार में 10-15 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों को छोड़कर राज्य के अधिकांश भाग में इस बार गन्ना की फसल पर कीड़ों का प्रकोप देखा जा रहा है। कहीं इसका प्रकोप कम तो कहीं ज्यादा है। मुरादाबाद संभाग में गन्ना की फसल सर्वाधिक प्रभावित हुई है।