काबुली चना का उत्पादन 17 प्रतिशत बढ़कर 6.90 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान

12-Mar-2025 04:55 PM

मुम्बई। बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी होने तथा औसत उपज दर में भी सुधार आने से काबुली चना के घरेलू उत्पादन में इस बार काफी इजाफा होने की उम्मीद है।

काबुली चना ट्रेडर्स एसोसिएशन की एक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर काबुली चना का बिजाई क्षेत्र 3,64,371 हेक्टेयर से 12 प्रतिशत बढ़कर 4,07,783 हेक्टेयर पर पहुंच गया।

इसके तहत इसका क्षेत्रफल मध्य प्रदेश में 2,12,737 हेक्टेयर से 15 प्रतिशत बढ़कर 2,44,315 हेक्टेयर, महाराष्ट्र में 1,20,152 हेक्टेयर से 7 प्रतिशत सुधरकर 1,28,621 हेक्टेयर, गुजरात में 19,800 हेक्टेयर से 12 प्रतिशत बढ़कर 22,139 हेक्टेयर तथा आंध्र प्रदेश में 11,682 हेक्टेयर से 9 प्रतिशत सुधरकर 12,709 हेक्टेयर पर पहुंच गया। 

इसी तरह सर्वेक्षण रिपोर्ट में समीक्षाधीन सीजन के दौरान काबुली चना का कुल घरेलू उत्पादन 5,88,629 टन से 17 प्रतिशत बढ़कर 6,90,018 टन पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया गया है।

इसके अंतर्गत सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- मध्य प्रदेश में उत्पादन 3,46,801 टन से 21 प्रतिशत उछलकर 4,18,676 टन, महाराष्ट्र में 1,85,916 टन से 11 प्रतिशत सुधरकर 2,05,472 टन, गुजरात में 35,370 टन से 16 प्रतिशत सुधरकर 41,156 टन तथा आंध्र प्रदेश में उत्पादन 20,541 टन से 20 प्रतिशत बढ़कर 24,714 टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। 

काबुली चना की औसत उपज दर 2023-24 सीजन के 1615 किलो प्रति हेक्टेयर से 5 प्रतिशत सुधरकर 2024-25 के सीजन में 1692 किलो प्रति हेक्टेयर पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है।

सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक काबुली चना की औसत उत्पादकता दर मध्य प्रदेश में 1630 किलो प्रति हेक्टेयर से सुधरकर 1714 किलो प्रति हेक्टेयर, महाराष्ट्र में 1547 किलो से सुधरकर 1598 किलो प्रति हेक्टेयर,

गुजरात में 1786 किलो से सुधरकर 1859 किलो प्रति हेक्टेयर तथा आंध्र प्रदेश में 1758 किलो से बढ़कर 1945 किलो प्रति हेक्टेयर पर पहुंचने की उम्मीद है।

बेहतर उत्पादन की वजह से न केवल घरेलू मांग एवं जरूरत को आसानी से पूरा करने में सहायता मिलेगी बल्कि निर्यात बढ़ाना भी संभव हो जाएगा। काबुली चना के नए माल की आवक जल्दी ही जोर पकड़ने की संभावना है। उत्पादक राज्यों में मौसम साफ है।