कुछ समस्यायों के बावजूद गेहूं के उत्पादन क्षेत्र में बढ़ोत्तरी

10-Dec-2024 08:29 PM

नई दिल्ली । रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं की खेती के प्रति भारतीय किसानों में भारी उत्साह एवं तीव्र आकर्षण देखा जा रहा है क्योंकि एक तो सरकार ने इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2275 रुपए प्रति क्विंटल से 150 रुपए बढ़ाकर 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है और दूसरे, खुले बाजार में इसका भाव एमएसपी से काफी ऊपर चल रहा है।

किसानों के उत्साह एवं आकर्षण का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई इलाकों में मौसम की हालत पूरी तरह अनुकूल नहीं होने, खेतों की मिटटी में नमी का अभाव रहने तथा डीएपी खाद की कमी होने के बावजूद गेहूं के बिजाई क्षेत्र में इजाफा हो रहा है किसान जोखिम की परवाह नहीं कर रहे हैं।  

आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि चालू रबी सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 239.49 लाख  हेक्टेयर पर पहुंच गया जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 234.15 लाख हेक्टेयर से करीब 5.35 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। गेहूं का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल इस बार 312.35 लाख हेक्टेयर नियत हुआ है। 

उल्लेखनीय है कि देश के पश्चिमोत्तर भाग में गेहूं की अगैती बिजाई होती है जिसमें पंजाब-हरियाणा, राजस्थान तथा गुजरात के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश भी शामिल हैं। इसके मुकाबले मध्य प्रदेश के अधिकांश इलाकों, पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार जैसे राज्यों में गेहूं की बोआई देर से आरंभ होती है।