कुल क्षेत्रफल 334.17 लाख हेक्टेयर पर पहुंचने के बाद गेहूं की बोआई समाप्त

13-Jan-2026 01:38 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 9 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का कुल उत्पादन क्षेत्र 334.17 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया जो 2 जनवरी के बिजाई क्षेत्र के बराबर ही रहा। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि गेहूं की बोआई अब समाप्त हो गई है।

पिछले साल पूरे रबी सीजन में गेहूं का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 328.04 लाख हेक्टेयर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि शुरुआती चरण में बिजाई की तेज रफ्तार को देखते हुए लगता था कि इस बार गेहूं का रकबा पिछले साल काफी आगे निकलकर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाएगा मगर अब इसमें 6.13 लाख हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी के बाद बिजाई रुक गई है। फिर भी यह रकबा अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे गेहूं के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी हो सकती है। 

कृषि मंत्रालय के अनुसार 2024-25 के रबी सीजन में 328.04 लाख हेक्टेयर के बिजाई क्षेत्र के साथ कुल 1179.40 लाख टन गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ मंत्रालय ने 2025-26 सीजन के लिए 1190 लाख टन गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है

और उसे यह लक्ष्य आसानी से हासिल हो जाने की उम्मीद है। गेहूं का मौजूदा रकबा सामान्य औसत क्षेत्रफल 312.35 लाख हेक्टेयर से करीब 22 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। 

करनाल स्थित भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान ने पहले कहा था कि गेहूं की फसल के लिए मौसम की हालत अनुकूल बनी हुई है और किसान अपनी फसल की अच्छी देखभाल भी कर रहे हैं।

फसल की पहली सिंचाई दिसम्बर में ही हो चुकी है। अब दूसरी सिंचाई होनी है और यूरिया का दूसरा डोज देना आवश्यक है।

यूरिया का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और यदि सही समय पर इसका उपयोग किया गया तो इस बार भी गेहूं का बम्पर उत्पादन हो सकता है।

पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं बिहार सहित अन्य प्रमुख उत्पादक प्रांतों में गेहूं की फसल का बेहतर ढंग से विकास-विस्तार हो रहा है।