कमजोर कारोबार से कनाडा में मसूर का भाव स्थिर
08-Jan-2026 08:59 PM
विनीपेग। कनाडा में दिसम्बर 2025 के अंतिम सप्ताह से लेकर जनवरी 2026 के आरम्भिक 2-3 दिनों तक कारोबारी अवकाश के मूड में रहे और इसके बाद जब व्यापारिक गतिविधियां शुरू हुई तब भी उत्पादकों एवं खरीदारों की सक्रियता देखी जा रही है।
इसके फलस्वरूप चालू सप्ताह के दौरान पश्चिमी कनाडा और खासकर सस्कैचवान एवं अल्बर्टा जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों की मंडियों में मसूर का कारोबार कमजोर होने से कीमतों में स्थिरता या हल्की नरमी देखी जा रही है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार कनाडा में लाल मसूर एवं हरी मसूर का भारी-भरकम स्टॉक अभी मौजूद है जबकि ऑस्ट्रेलिया एवं रूस की कठिन चुनौती भी वैश्विक बाजार में बरकरार है।
कुछ महत्वपूर्ण खरीदार देश इसकी लिवाली में कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कमजोर कारोबार एवं नरम भाव के कारण कनाडा के मसूर उत्पादक काफी चिंतित और निराश हैं।
अगर जल्दी ही कीमतों में तेजी नहीं आई तो इस महत्वपूर्ण दलहन की खेती में कनाडा के किसानों का उत्साह एवं आकर्षण घट सकता है।
समस्या यह है कि अगर कनाडा के उत्पादन मनमाने ढंग से कीमतों में बढ़ोत्तरी करने की कोशिश करेंगे तो उसकी मसूर का भाव अंतर्राष्ट्रीय निर्यात बाजार में अनाकर्षक एवं गैर प्रतिस्पर्धी हो जाएगी और विदेशी आयातक तो दूर, स्वयं कनाडा के निर्यातक उसकी खरीद का प्रयास नहीं करेंगे।
इस बार ऑस्ट्रेलिया एवं रूस-कजाकिस्तान में मसूर का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। इससे वैश्विक बाजार में इसका पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और निर्यातक देश आक्रामक ढंग से अपने स्टॉक को बेचने का प्रयास कर रहे हैं।
कनाडा के निर्यातकों को इससे कठिनाई हो रही है। इधर भारत में मसूर की बिजाई लगभग समाप्त होने के बाद जो तथ्य सामने आया है उससे ज्ञात होता है कि क्षेत्रफल में पिछले साल से कुछ इजाफा हुआ है और मौसम संतोषजनक है।
