कमजोर निर्यात प्रदर्शन से मलेशिया में पाम तेल का स्टॉक बढ़ा
10-Jul-2025 01:40 PM
कुआलालम्पुर। इंडोनेशिया के बाद दुनिया में पाम तेल के दूसरे सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- मलेशिया में इस महत्वपूर्ण वनस्पति तेल का बकाया अधिशेष स्टॉक 20 लाख टन से ऊपर पहुंच गया है जिससे इसकी कीमतों पर दबाव पड़ने की संभावना है। लम्बे अन्तराल के बाद यह स्थिति पैदा हुई है।
सरकारी संस्था- मलेशियन पाम ऑयल बोर्ड (एम्पोब) द्वारा जून माह के लिए जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यद्यपि मई की तुलना में जून माह के दौरान मलेशिया में क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का उत्पादन 4.48 प्रतिशत गिरकर 16,92,310 टन पर अटक गया लेकिन इसके निर्यात में उससे भी ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
मासिक आधार पर पाम तेल उत्पादों का कुल निर्यात 10.52 प्रतिशत की गिरावट के साथ 12,59,354 टन पर सिमट गया। उत्पादन की तुलना में निर्यात काफी कम होने से बकाया अधिशेष स्टॉक में भारी इजाफा होना स्वाभाविक ही है।
जून 2025 के अंत में मलेशिया में पाम तेल का कुल स्टॉक मई के मुकाबले 2.41 प्रतिशत बढ़कर 20,30,580 टन पर पहुंच गया। इसके तहत क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का स्टॉक तो 5.42 प्रतिशत गिरकर 10,41,740 टन पर अटक गया लेकिन प्रोसेस्ड (रिफाइंड) पाम तेल / आरबीडी पामोलीन का स्टॉक 12.20 प्रतिशत बढ़कर 9,88,840 टन पर पहुंच गया।
मलेशिया के निर्यातक क्रूड पाम तेल के निर्यात संवर्धन पर विशेष जोर देते हैं जबकि इंडोनेशिया में इससे उल्टी स्थिति है। मलेशिया में मई के मुकाबले जून की समाप्ति के समय पाम कर्नेल तेल का स्टॉक 0.55 प्रतिशत गिरकर 2,86,520 टन रह गया। दूसरी ओर वहां विदेशों से पाम तेल का आयात 1.51 प्रतिशत बढ़कर 70 हजार टन पर पहुंच गया।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार मलेशिया को पाम तेल का निर्यात बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना होगा अन्यथा बकाया स्टॉक कॉस्मिक रूप से बढ़ सकता है।
बुर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स (बीएमडी) एक्सचेंज, कुआलालम्पुर में क्रूड पाम तेल का वायदा भाव ऊंचा रहने से निर्यात प्रभावित हो रहा है। इसे सोयाबीन तेल के सापेक्ष प्रतिस्पर्धी या आकर्षक बनाकर इसका निर्यात बढ़ाया जा सकता है।
