कनाडा में मसूर की अगैती बिजाई वाली फसल को बारिश से खतरा

14-Aug-2025 05:37 PM

सस्काटून। पश्चिमी कनाडा के मसूर उत्पादक किसान असामयिक वर्षा से बेहद चिंतित और परेशान हैं क्योंकि इससे फसल को नुकसान होने का खतरा बढ़ता जा रहा है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस बारिश से मसूर की अगैती बिजाई वाली फसल को क्षति हो रही है मगर पिछैती बिजाई वाली फसल को फायदा हो रहा है। बारिश के कारण मसूर की पकी हुई फसल को काटने में काफी कठिनाई हो रही है और इसके दाने की क्वालिटी खराब होने की आशंका है। वैसे कुल उत्पादन पर वर्षा का ज्यादा प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। 

सस्कैचवान और अल्बर्टा जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों के किसान बारिश का दौर थमने की प्रार्थना कर रहे हैं। इस वर्षा से न केवल मसूर की पकी हुई फसल को काटने में असुविधा हो रही है और दाने की क्वालिटी प्रभावित होने की आशंका है बल्कि रोगों-कीड़ों का प्रकोप फैलने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।

इतना ही नहीं बल्कि इस बेमौसमी वर्षा से मसूर का दाना बदरंग और विभक्त हो सकता है और छोटे-छोटे दाने मसूर के पौधे से नीचे गिर कर पानी या कीचड़ में समा सकते हैं।

बारिश से पूर्व जिन खेतों में पौधों को डेस्सीकेट किया गया था वहां खतरा ज्यादा है। लेट बिजाई वाली फसलों के खेतों में खरपतवार पनपने की आशंका है। यदि रोगों-कीड़ों का संक्रमण बढ़ा तो मसूर की फसल को भारी क्षति हो सकती है। इससे किसानों की चिंता काफी बढ़ गई है। 

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार अच्छी क्वालिटी की बड़ी (मोटी) हरी मसूर के उत्पादन और बाजार भाव पर नजर रखना आवश्यक होगा क्योंकि पैदावार घटने की स्थिति में कीमत तेज हो सकती है।

ऐसी हालत में खरीदार कुछ कमजोर क्वालिटी के माल की खरीद करके उसका स्टॉक बनाने का प्रयास कर सकते है। मोटी हरी मसूर एवं लाल मसूर की कीमतों के बीच अंतर बढ़ने की संभावना है। 

वैसे नई फसल की कटाई-तैयारी का समय होने से फिलहाल कीमतों में उतार-चढ़ाव आने का सटीक अनुमान लगाना कठिन है क्योंकि इसकी मांग कमजोर बनी हुई है।

बाजार अभी 'इंतजार करो और देखो' की नीति पर चल रहा है। छोटी हरी मसूर के उत्पादन में सुधार आने पर बड़ी हरी मसूर की कमी की आंशिक भरपाई हो सकती है। 

वर्तमान समय में मोटी हरी मसूर का भाव 31-33 सेंट प्रति पौंड तथा छोटी हरी मसूर का दाम 27-28 सेंट प्रति पौंड चल रहा है जबकि लाल मसूर की कीमत 28-28.5 सेंट बताई जा रही है।