कनाडा में कमजोर मांग से मसूर का भाव नरम- फसल को बारिश की सख्त जरूरत
05-Jun-2025 03:01 PM
वैंकुवर। मसूर के एक प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- कनाडा में यद्यपि बिजाई की प्रक्रिया लगभग समाप्त हो चुकी है लेकिन बारिश की कमी, तेज शुष्क हवा के प्रवाह एवं ऊंचे तापमान से फसल की प्रगति पर असर पड़ने की आशंका है जिससे उत्पादकों की चिंता बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश उत्पादक इलाकों में भारी वर्षा की सख्त आवश्यकता है और अगर शीघ्र ही वहां अच्छी बारिश नहीं हुई तो उत्पादन अब पूरी तरह बारिश पर आश्रित हो गई है।
खरीदारों का रुझान मौजूदा स्टॉक के बजाए मसूर की आगामी नई फसल की तरफ बढ़ता जा रहा है जिससे दोनों के भाव में अंतर काफी घट गया है। उदाहरणस्वरूप वहां लाल मसूर के मौजूद स्टॉक वाले माल का भाव 32 सेंट प्रति पौंड (26.50 रुपए प्रति किलो) तथा नई फसल का दाम 30 सेंट प्रति पौंड (24.85 रुपए प्रति किलो) बैठ रहा है। इसी तरह मोटी (बड़ी) हरी मसूर के पुराने माल का मूल्य 45 सेंट प्रति पौंड (3730 रुपए प्रति क्विंटल) तथा नए माल का मूल्य 42 सेंट प्रति पौंड (3485 रुपए प्रति क्विंटल) बताया जा रहा है। जहां तक छोटी हरी मसूर का सवाल है तो इसके मौजूदा स्टॉक वाले माल का दाम 39 सेंट प्रति पौंड (3230 रुपए प्रति क्विंटल) तथा अगली फसल के माल का दाम 36 सेंट
प्रति पौंड (2980 रुपए प्रति क्विंटल) चल रहा है। भारतीय मुद्रा में कनाडाई मसूर का मूल्य 82.80 रुपए प्रति अमरीकी डॉलर की विनिमय दर पर आधारित है।
कनाडा में अगस्त-सितम्बर से मसूर की नई फसल की कटाई-तैयारी शुरू हो जाती है जबकि इसकी खरीद का अग्रिम अनुबन्ध अप्रैल-मई से ही होने लगता है। मसूर की बिजाई तो लगभग समाप्त हो गई है लेकिन फसल पर अभी संकट बना हुआ है। इसके बावजूद वहां कीमतों में नरमी या स्थिरता का माहौल बना हुआ है। उत्पादकों को लाभप्रद मूल्य पर अपना स्टॉक बेचने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है। कनाडा में लाल मसूर की अगली फसल के उत्पादन में काफी गिरावट आने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
