कनाडा में सुस्त कारोबार के कारण मटर का भाव स्थिर
12-Jun-2025 04:02 PM
सस्काटून। भारत सरकार द्वारा पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाए जाने की घोषणा का अभी तक कनाडाई बाजार पर कोई सकारात्मक असर नहीं देखा जा रहा है। पश्चिमी कनाडा की मंडियों में मटर का कारोबार सुस्त तथा भाव स्थिर या नरम बना हुआ है। समीक्षकों के अनुसार भारत में पूर्व में आयातित मटर का विशाल स्टॉक अभी मौजूद है इसलिए अगली खरीद के लिए आयातक ज्यादा दिलचस्पी या सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं। कनाडा में मटर की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है और अब फसल प्रगति के विभिन्न चरण से गुजर रही है।
विश्लेषकों के अनुसार कनाडा में अगस्त-सितम्बर के दौरान मटर की नई फसल की कटाई-तैयारी शुरू होगी और तब तक भारत में आयातित मटर का स्टॉक भी काफी घट चुका होगा। इसका यह मतलब है कि कनाडा की नई फसल को भारतीय आयातकों का कुछ सपोर्ट मिल सकता है। एक अन्य प्रमुख आयातक देश चीन में अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि वहां कनाडाई मटर पर 100 प्रतिशत का भारी-भरकम आयात शुल्क लगा हुआ है। यदि कनाडा ने मटर का दाम बढ़ाने का प्रयास किया तो भारत के आयातक रूस की तरफ ज्यादा आकर्षित हो सकते हैं।
पश्चिमी कनाडा में पीली मटर का भाव घटकर 9.00-9.50 डॉलर प्रति बुशेल पर आ गया है। हरी मटर के मौजूदा माल का दाम 16.00-16.50 डॉलर प्रति बुशेल तथा अगली नई फसल का भाव 15.50 डॉलर प्रति बुशेल बताया जा रहा है। मापले मटर का मूल्य 12-13 डॉलर प्रति बुशेल के पुराने स्तर पर स्थिर बना हुआ है।
भारत सरकार के निर्णय से कनाडा के मटर उत्पादकों एवं निर्यातकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि चीन सहित अन्य आयातक देशों में आयात की स्थिति अनिश्चित मानी जा रही है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान भारत में अत्यन्त विशाल मात्रा में पीली मटर का आयात हुआ था जिसमें कनाडा से आपूर्ति का योगदान सर्वाधिक रहा था। इस वर्ष आयात में कुछ कमी आ सकती हैं क्योंकि एक तो पिछला स्टॉक ज्यादा है और दूसरे, घरेलू बाजार में दलहनों का दाम भी नीचे आ गया है।
