केन्द्रीय आम बजट से कृषि क्षेत्र को रहेगी खास उम्मीद

24-Jan-2025 11:57 AM

नई दिल्ली । वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के लिए केन्द्रीय आम बजट पेश होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और बजट का प्रारूप लगभग तैयार हो चुका है। यूं तो बजट से तमाम क्षेत्रों को ढेर सारी उम्मीदें रहती हैं मगर कृषि क्षेत्र की आशा कुछ ज्यादा होती है

क्योंकि यह सबसे बड़ा सेक्टर माना जाता है और इसकी चुनौतियां तथा कठिनाइयां भी अपेक्षाकृत अधिक रहती है। केन्द्रीय आम बजट में अक्सर कृषि एवं रक्षा क्षेत्र को राशि आवंटन में प्राथमिकता दी जाती है। 

हैरत की बात यह है कि भारी-भरकम बजट आवंटन के बावजूद कृषि क्षेत्र की समस्याएं खत्म नहीं हो रही हैं। पिछले एक दशक के दौरान हालत में कुछ सुधार जरूर आया है लेकिन मूलभूत चुनौतियां अब भी बरकरार हैं।

किसानों की आर्थिक स्थिति ज्यादा मजबूत नहीं है और इसलिए ग्रामीण क्षेत्र की अर्थ व्यवस्था कमजोर बनी हुई है। इससे कृषि क्षेत्र का आधुनिकीकरण करने में कठिनाई हो रही है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का दायरा उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ रहा है क्योंकि किसानों को सही समय पर उचित मुआवजा नहीं मिलता है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्री किसानों की समस्याओं को दूर करने तथा कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों का ध्रुव गति से विकास-विस्तार सुनिश्चित करने के लिए अपनी ओर से भरपूर सक्रियता दिखा रहे हैं इसलिए उम्मीद की जा रही है कि उनको अपने प्रयास में वित्त मंत्री का पर्याप्त सहयोग-समर्थन प्राप्त हो सकता है और राष्ट्रीय अर्थ व्यवस्था की गतिशीलता बढ़ सकती है। 

मूल रूप से भारतीय कृषि क्षेत्र में कमजोर उत्पादकता एक गंभीर समस्या बनी हुई है। इसके तहत खासकर दलहन-तिलहन फसलों की उपज दर में अपेक्षित बढ़ोत्तरी किए जाने की सख्त आवश्यकता है क्योंकि दलहन तथा खाद्य तेलों के वार्षिक आयात पर खर्च बढ़कर अब अरबों डॉलर में पहुंच गया है।

कमजोर उत्पादकता का एक प्रमुख कारण वर्षा पर आश्रित क्षेत्रों  में ज्यादा खेती होना है क्योंकि सिंचाई की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है।

किसानों को अपनी फसलों के लिए साधन जुटाने में भी काफी कठिनाई होती है। फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तो ऊंचा रहता है मगर इस पर उत्पादों की खरीद बहुत कम होती है।

सरकार को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी जिससे उद्योग-व्यापार क्षेत्र को किसानों से ऊंचे दाम पर फसलों की अधिक से अधिक खरीद करने का प्रोत्साहन मिल सके।