केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

13-Aug-2025 01:53 PM

नई दिल्ली। 2024-25 के खरीफ एवं रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान चावल तथा गेहूं की भारी सरकारी खरीद होने से केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सकल स्टॉक बढ़कर काफी सुविधाजनक स्तर पर पहुंच गया है

और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए दूर-दूर तक कोई खतरा दिखाई नहीं दे रहा है। इस वर्ष खरीफ कालीन धान के उत्पादन क्षेत्र में भी जोरदार बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। 

उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1 अगस्त 2025 को केन्द्रीय पूल में कुल मिलाकर 726.33 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद था जिसमें 379.72 लाख टन चावल तथा 346.61 लाख टन गेहूं का  भंडार शामिल था।

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के प्रत्यक्ष स्वामित्व वाले गोदामों में 332.39 लाख टन चावल तथा 129.32 लाख टन गेहूं का स्टॉक उपलब्ध था। इसी तरह अन्य प्रांतीय एजेंसियों के पास 47.33 लाख टन चावल और 217.29 लाख टन गेहूं का स्टॉक बचा हुआ था।

इसके अलावा केन्द्रीय पूल में 213.52 लाख टन धान तथा 5.47 लाख टन मोटे अनाजों का भी स्टॉक मौजूद था। इस धान के स्टॉक को कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को आवंटित किया गया है जिसके बदले में खाद्य निगम को चावल की आपूर्ति होनी है।

इस तरह चावल का स्टॉक नियमित रूप से बढ़ता जाएगा। इतना ही नहीं बल्कि आगामी अक्टूबर माह से धान की नई फसल की कटाई-तैयारी और सरकारी खरीद भी आरंभ हो जाएगी जिससे केन्द्रीय पूल में इसका स्टॉक तेजी से बढ़ेगा।

पंजाब सरकार ने केन्द्र से इस बार 1 अक्टूबर की परम्परागत्त तिथि के बजाए 15 सितम्बर से ही राज्य के किसानों से धान की खरीद आरंभ करने का आग्रह किया है क्योंकि वहां इसकी खेती जल्दी शुरू हो गई थी।