क्रूड खाद्य तेल पर आयात शुल्क में कटौती को वापस लेने की मांग

16-Jun-2025 01:17 PM

विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री से क्रूड खाद्य तेलों का आयात शुल्क में की गई 10 प्रतिशत बिंदु की कटौती को वापस लेने, बरली तम्बाकू की खरीद के लिए 150 करोड़ रुपए का आवंटन करने तथा भारतीय जलीय जीव-जंतु उत्पादों पर अमरीका में लागू आयात शुल्क को हटाने का ठोस प्रयास करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने वाणिज्य मंत्री से कहा कि क्रूड खाद्य तेलों पर मूल आयात शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत नियत किया गया है जिससे राज्य के उत्पादकों को ऑयल पाम के ताजे फलों के गुच्छे (एफएफबी) का उचित एवं लाभप्रद मूल्य प्राप्त नहीं हो रहा है और नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल के लिए नियत लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल हो जाएगा।

उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश ऑयल पाम एवं पाम तेल का एक अग्रणी उत्पादक राज्य है। वहां ऑयल पाम के बागानी क्षेत्र का विकास-विस्तार किया जा रहा है और नए-नए बागान लगाने का एक महत्वाकांक्षी अभियान भी चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार ऑयल पाम की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने हेतु यह आवश्यक है कि उसे अपने उत्पाद का लाभप्रद एवं आकर्षण मूल्य प्राप्त हो। यह तभी संभव है जब पाम प्रोसेसर्स का 'पड़ता' घनात्मक हो। पाम तेल का सस्ता आयात इसमें बाधा उत्पन्न कर रहा है इसलिए सीमा शुल्क में कटौती के निर्णय पर पुनर्विचार होना चाहिए। 

खरीफ कालीन तिलहन फसलों और खासकर सोयाबीन तथा मूंगफली की बिजाई आरंभ हो गई है जबकि इसका थोक मंडी भाव लम्बे समय से न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे चल रहा है। 2024-25 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान सरकारी एजेंसियों द्वारा मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत किसानों से रिकॉर्ड मात्रा में सोयाबीन और मूंगफली की खरीद की गई मगर फिर भी इसके बाजार भाव में तेजी नहीं आ सकी। इससे किसानों को औने-पौने दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है। क्रूड खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कटौती होने से उसकी चिंता और बढ़ गई है।