कोपरा की आपूर्ति बढ़ने के बावजूद नारियल तेल में तेजी बरकरार

11-Nov-2025 08:49 PM

कोच्चि। प्रमुख उत्पादक मंडियों में कोपरा की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ने के बावजूद नारियल तेल के दाम में तेजी-मजबूती का माहौल बरकरार है क्योंकि इसकी लिवाली में खरीदार भारी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

उद्योग समीक्षकों के अनुसार लम्बे समय तक कोपरा की आपूर्ति का गंभीर संकट बना रहा और उसका दाम भी ऊंचा रहा। इंडोनेशिया एवं श्रीलंका जैसे महत्वपूर्ण उत्पादक देशों में माल का अभाव होने से भारतीय नारियल की वैश्विक निर्यात मांग बढ़ गई और कीमतों में तेजी आ गई। उसे नरम पड़कर सामान्य स्थिति तक आने में कुछ समय लगेगा। 

हालांकि व्यापारिक समुदाय ओणम पर्व के बाद कोपरा के दाम में नरमी आने की उम्मीद कर रहा था क्योंकि नारियल फसल की तुड़ाई-तैयारी का सीजन आरंभ हो रहा था लेकिन नारियल तेल का भाव बढ़कर केरल में 362 रुपए प्रति किलो और तमिलनाडु में 310 रुपए प्रति किलो के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया।

यह थोक बाजार का भाव है। इसी तरह कोपरा का मूल्य भी केरल में 222 रुपए प्रति किलो तथा तमिलनाडु में 217 रुपए प्रति किलो हो गया। 

कोचीन ऑयल मर्चेंट्स एसोसिएशन (कोमा) के अध्यक्ष का कहना है कि ओणम त्यौहार के बाद कोपरा एवं नारियल तेल के दाम में अक्सर गिरावट आने की परिपाटी रही है लेकिन इस बार परिदृश्य  कुछ अलग दिख रहा है।

नारियल तेल का खुदरा बाजार भाव 390 रुपए प्रति किलो के आसपास चल रहा है जिससे परम्परागत उपभोक्ताओं को अन्य सस्ते खाद्य तेलों  की ओर आकर्षित होने के लिए विवश होना पड़ रहा है।

कोपरा के ऊंचे दाम से नारियल तेल उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और छोटी-छोटी मिलों के बंद होने का खतरा पैदा हो गया है। टैक्स को मिलाकर कोपरा की खरीद का मूल्य 250 रुपए प्रति किलो के आसपास बैठ रहा है।