केरल के कुछ जिलों में बर्ड फ्लू रोग की पुष्टि
24-Dec-2025 10:54 AM
कोट्टायम। देश के सुदूर दक्षिणी राज्य- केरल के कुछ जिलों में बर्ड फ्लू की बीमारी फैल रही है जिससे पॉल्ट्री उद्योग में हड़कंप मचा हुआ है। बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुंजा) का रोग मुख्यत:मुर्गा-मुर्गी एवं तीतर-बटेर (कवा) जैसे पक्षियों में फैलने की पुष्टि हो रही है।
केरल के दो जिलों- अलापुझा और कोट्टायम के अनेक गांवों में इस बीमारी के फैलने की सूचना मिल रही है जिससे खासकर मक्का की मांग प्रभावित होने की आशंका है। क्रिसमस एवं नव वर्ष के त्यौहार के समय इस रोग का उत्पन्न होना पॉल्ट्री उत्पादकों के लिए गहरी चिंता का विषय माना जा रहा है।
पशु पालन विभाग के विशेषज्ञों ने पैथोजेनिक एवियन इन्फ्लुंजा वायरस के तेजी से फैलने की पुष्टि की है। दरअसल मध्य प्रदेश के भोपाल में अवस्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्युरिटी एनीमल डिजीज (निहसाद) केरल से कुछ सैंपल भेजे गए थे जिसका परीक्षण करने के बाद विशेषज्ञों ने बर्ड फ्लू रोग की पुष्टि की थी।
उसके आधार पर केरल के पशु पालन विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि राज्य में इस बीमारी का विस्तार हो रहा है और इसे नियंत्रित करना आवश्यक है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार केरल में अलापुझा जिले के आठ पंचायतों तथा कोट्टायम जिले के चार गांवों में बर्ड फ्लू का रोग फैल चुका है।
पशुपालन विभाग का प्रथम उद्देश्य इस बीमारी को आगे फैलने से रोकता है और साथ ही साथ जहां-जहां इस रोग की पुष्टि हो चुकी है वहां इसे युद्ध स्तर पर नियंत्रित करना भी है।
बीमारी को ज्यादा फैलने से पहले ही एहतियाती आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं अन्यथा विशाल संख्या में इस रोग से ग्रस्त पक्षियों को मारने के लिए विवश होना पड़ सकता है।
पॉल्ट्री उद्योग में मक्का तथा कई अन्य अनाजों तथा सोयामील एवं डीडीजीएस आदि की भारी खपत होती है इसलिए बर्ड फ्लू रोग पर तत्काल नियंत्रण लगना आवश्यक है।
