कर्नाटक: बारिश, फसल और बुआई की स्थिति की असल रिपोर्ट

16-Jul-2025 08:18 AM

कर्नाटक: बारिश, फसल और बुआई की स्थिति की असल रिपोर्ट
★ 11 जुलाई तक कर्नाटक में तुअर की बुआई 11.35 लाख हेक्टेयर (पिछले वर्ष: 13.35), मूंग की 4.08 लाख हेक्टेयर (पिछले वर्ष: 3.99), और उड़द की 0.91 लाख हेक्टेयर (पिछले वर्ष: 0.88) तक पहुंची। सोयाबीन और मूंगफली के क्षेत्रफल में भारी गिरावट देखी जा रही है। मक्का बिजाई में अच्ची बढ़ोतरी।
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जिलावार फसल स्थिति इस प्रकार है:
गुलबर्गा
★ बारिश कम हुई है। तुअर की बुआई गत वर्ष की तुलना में 15-20% कम है। उड़द की बुआई गत वर्ष के बराबर है, जबकि मूंग की बुआई गत वर्ष से 5-10% अधिक हुई है
★ कपास के क्षेत्रफल में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सभी फसलों को वर्तमान में बारिश की सख्त जरूरत।
रायचूर
★ बारिश की स्थिति कमजोर।  किसान अच्छी बारिश की प्रतीक्षा में हैं। घटे हुए भावों के कारण तुअर की बुआई में रुचि कम हुई है। तुअर की बुआई गत वर्ष से 20-25% कम है, लेकिन कपास की बुआई में जोरदार उछाल देखने को मिला है।
बीदर
★ पिछले 15-20 दिनों से बारिश नहीं हुई है। तुअर की बुआई गत वर्ष से 10-15% कम है, जबकि मूंग और उड़द की बुआई में 15-20% की वृद्धि हुई है। वर्तमान में फसल की स्थिति अच्छी है। कपास के क्षेत्रफल में भी बढ़ोतरी हुई है। मूंग और उड़द की फसलों को बारिश की सख्त जरूरत है; यदि इस सप्ताह बारिश नहीं हुई तो फसल प्रभावित हो सकती है।
तालिकोट
★ बारिश की स्थिति कमजोर बनी हुई है, और पिछले 15-20 दिनों से वर्षा नहीं हुई है। किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। तुअर की बुआई गत वर्ष से 10-15% कम है। कपास के क्षेत्रफल में अच्छी वृद्धि देखी गई है।
यादगीर
★ बारिश की स्थिति सामान्य है। मूंग की बुआई गत वर्ष के बराबर है और फिलहाल मूंग की फसल की स्थिति बहुत अच्छी है।
गदग
★ मूंग की बुआई पिछले वर्ष से 10% अधिक है, लेकिन बारिश कम होने से नमी की कमी महसूस हो रही है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई, तो यह सभी खरीफ फसलों की उत्पादकता पर असर डाल सकती है।
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सारांश
★ कर्नाटक के कई हिस्सों में बारिश की कमी के चलते फसलों की उत्पादकता प्रभावित हो सकती है। घटते भावों के चलते किसान तुअर की जगह दूसरी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। बुआई सीजन अब अंतिम चरण में है, लेकिन फसलों की अच्छी स्थिति बनाए रखने के लिए बारिश बेहद जरूरी है।