कर्नाटक में कीड़ों-रोगों के प्रकोप से सुपारी की फसल को क्षति की आशंका
10-Jun-2026 05:43 PM
मंगलोर। कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़, चिकमगलूर एवं कोडागू जिले में सुपारी के बड़े-बड़े बागान लगे हुए हैं लेकिन वहां लीफ स्पॉट रोग एवं येलो लीफ बीमारी के प्रकोप से फसल को काफी नुकसान होने की आशंका है।
दक्षिण कन्नड़ के सांसद ने केन्द्रीय कृषि मंत्री से सुपारी के बागानों में इन रोगों के प्रकोप से फसल को बचाने के लिए तत्काल ठोस एहतियाती उपाय करने का आग्रह किया है। लीफ स्पॉट डिजीज (एलएसडी) तथा येलो लीफ डिजीज (वाईएलडी) से सुपारी को अक्सर नुकसान होता रहता है।
कृषि मंत्री को दिए एक ज्ञापन में सांसद ने कहा है कि कर्नाटक के लगभग सभी प्रमुख उत्पादक जिलों में सुपारी के बागानों में इन दोनों रोगों का घातक प्रकोप देखा जा रहा है जिससे इसकी पैदावार एवं क्वालिटी प्रभावित होने की आशंका है।
सुपारी इन जिलों के लाखों उत्पादकों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है और यदि उत्पादन में भारी गिरावट आई तो किसानों की कठिनाई बढ़ जाएगी।
हालांकि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अधीनस्थ सेन्ट्रल प्लांटेशन क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपीसी आर आई) द्वारा विकसित वैज्ञानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल ने इन रोगों के नियंत्रण- प्रबंधन के लिए एक बेहतरीन रोड मैप उपलब्ध करवाया है लेकिन बागान स्तर पर इसका सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो रहा है क्योंकि इसमें धन की तंगी आड़े आ रही है।
कर्नाटक सुपारी का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है और वहां बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन होता है। केरल में भी सुपारी का अच्छा उत्पादन होता है।
