कर्नाटक में खाद्य कोपरा का भाव उछलकर शीर्ष स्तर पर पहुंचा
13-Jun-2025 03:54 PM
टिपटूर। कर्नाटक में बॉल पर खाद्य कोपरा (गरी गोला) का भाव हाल के महीनों में उछलकर शीर्ष स्तर पर पहुंच गया है क्योंकि राज्य के दक्षिणी भाग में मौसम की हालत प्रतिकूल होने से नारियल का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कर्नाटक में नारियल एवं कोपरा का अधिकांश दक्षिणी जिलों में ही होता है। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार मार्च से अब तक खाद्य कोपरा के दाम में 50 प्रतिशत से अधिक का जबरदस्त इजाफा हो चुका है।
सुप्रसिद्ध उत्पादक एवं व्यापारिक केन्द्र- टिपटूर एपीएमसी में इसका मॉडल मूल्य मार्च के आरंभ में 14,000-15,000 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा था जो जून की शुरुआत तक आते आते उछलकर 20,000 रुपए प्रति क्विंटल की सीमा को पार कर गया। 9 जून 2025 को गोला का मॉडल मूल्य और भी बढ़कर 21,500 रुपए प्रति क्विंटल तथा उच्चतम भाव 22,356 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। न्यूनतम दाम भी 20,000 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। राज्य की अन्य प्रमुख मंडियों- हुलियार, वीरा, तुरूवेलेरे तथा चन्ना तथा पटना में भी गोला का मॉडल मूल्य 20,000 रुपए प्रति क्विंटल से ऊपर रहा।
टिपटूर के एक विश्लेषक का कहना है कि खाद्य कोपरा का मॉडल मूल्य पहली बार उछलकर 20,000 रुपए प्रति क्विंटल (200 रुपए प्रति किलो) से ऊपर पहुंचा है और वर्तमान समय में लगभग 22,500 रुपए प्रति क्विंटल के नए रिकॉर्ड स्तर पर चल रहा है। कीमतों में आई इस जोरदार तेजी का प्रमुख कारण पिछले सीजन के दौरान उत्पादन में भारी गिरावट आना रहा। चालू वर्ष के दौरान भी इसके उत्पादन में 50-60 प्रतिशत की जबरदस्त गिरावट आ गई। उल्लेखनीय है की टिपटूर मंडी में इससे पूर्व बॉल का उच्चतम मूल्य 2016-17 सीजन के दौरान 19,800 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा था। उसी समय इसमें ऑनलाइन कारोबार की शुरुआत हुई थी।
नारियल को सुखाकर कोपरा बनाया जाता है। भारत में दोनों तरह के कोपरा का उत्पादन होता है जिसमें मिलिंग कोपरा एवं बॉल कोपरा शामिल है। मिलिंग कोपरा के एक्सट्रैक्शन से नारियल तेल का निर्माण होता है जबकि बॉल कोपरा को सूखे मेवे के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। भारत दुनिया में नारियल, कोपरा एवं इसके उत्पादों का एक अग्रणी उत्पादक देश है।
