कर्नाटक में पानी की कमी से तुवर की फसल को भारी नुकसान होने से किसान चिंतित

05-Dec-2024 06:10 PM

कलबुर्गी । देश के अग्रणी अरहर (तुवर) का उत्पादन राज्य- कर्नाटक में बारिश की कमी से इस महत्वपूर्ण तिलहन फसल को जबरदस्त नुकसान होने के संकेत मिल रहे हैं। वहां कलबुर्गी (गुलबर्गा) अरहर का सबसे प्रमुख उत्पादक जिला है जिसे 'तुवर बाउज' की संज्ञा भी दी गई है और इसी जिले में फसल को सर्वाधिक क्षति भी हुई है। 

कर्नाटक राज्य रैयत संघ के अनुसार चालू वर्ष के दौरान कलबुर्गी जिले में तुवर का कुल बिजाई क्षेत्र 6.22 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा था जिसमें से लगभग 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसल लगभग पूरी तरह बर्बाद हो गई है।

दरअसल प्रगति के महत्वपूर्ण चरण में जब फसल को वर्षा की सख्त आवश्यकता भी तब बारिश का अभाव रहा जिससे बहुत बड़े भूभाग में फसल सूख गई। नवम्बर में इस संभाग में महज 5 मि०मी० वर्षा दर्ज की गई जो सामान्य औसत 20 मि०मी० से करीब 70 प्रतिशत कम रही। दूसरी ओर वहां तापमान भी ऊंचा रहा। 

रैयत संघ ने सरकार से तुवर की फसल को प्राकृतिक आपदा से हुए भारी नुकसान के एवज में किसानों को 25,000 रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने का आग्रह किया है।

साथ ही उसने चेतावनी दी है कि अगर यथाशीघ्र मुआवजे की घोषणा नहीं की गई तो बेलगावी में शीतकालीन सत्र के दौरान राज्य विधान सभा के आगे विशाल विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 

कर्नाटक में फसल की शानदार स्थिति को देखते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर पर तुवर का उत्पादन गत वर्ष से बेहतर होने का अनुमान गया था लेकिन अब लगभग 2 लाख हेक्टेयर में फसल के चौपट होने से एक उत्पादन के अनुमान में कटौती हो सकती है।

कलबुर्गी जिले के उपायुक्त ने किसानों को बीमा राशि एवं राहत सहयता प्रदान करने का आश्वासन दिया है और फसल का सर्वेक्षण भी किया जा रहा है। यह देखना आवश्यक होगा कि किसानों तक मुआवजा एवं सहायता राशि कब तक पहुंच पाती है।