किसान क्रेडिट कार्ड की ऋण सीमा में वृद्धि होने से छोटे किसानों को मिलेगी राहत

03-Feb-2025 04:31 PM

नई दिल्ली  । केन्द्रीय आम बजट में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के ब्याज राहत (छूट) स्कीम के वास्ते ऋण सीमा को 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए नियत करने की घोषणा की गई है जिससे खासकर लघु एवं सीमांत   किसानों को भारी सहायता मिलने की संभावना है।

किसानों को अधिक राशि के ऋण तक अपनी पहुंच बनाने में आसानी होगी जिससे उसकी वित्तीय तरलता में सुधार आएगा और वे सही समय पर कृषि साधनों की खरीद करके बेहतर ढंग से उसका उपयोग कर सकेंगे।

इसके फलस्वरूप ग्रामीण क्षेत्र में उद्यम शीलता बढ़ने की प्रबल संभावना रहेगी और कृषि उत्पादन को समर्थन मिलेगा।

समीक्षकों के अनुसार किसान क्रेडिट कार्ड की ऋण सीमा को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए किए जाने से कृषक समुदाय को बेहतर क्वालिटी का बीज, आधुनिक सिंचाई तकनीक तथा उन्नाव कृषि संसाधन खरीदने में आसानी होगी जिससे फसलों की उपज दर एवं किसानों की आमदनी में अच्छी बढ़ोत्तरी हो सकती है।

वित्तीय रूप से मजबूत कृषक समुदाय खेती -बाड़ी क्षेत्र को बेहतर स्वरूप दे सकता है और खाद्य तेल तथा दलहन उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने में ठोस संवाहक की भूमिका निभा सकता है। इससे उत्पादकों एवं आम उपभोक्ताओं को दीर्घकाल राहत मिल सकती है। 

मार्च 2024 तक देश में करीब 7.75 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड के खाते सक्रिय थे जिसके ऊपर 9.81 लाख करोड़ रुपए का बकाया मौजूद था। 31 मार्च 2024 तक मत्स्य पालन के लिए 1.20 लाख टन पशु पालन क्षेत्र के लिए 44.40 लाख किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए।

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक 2025 के बजट में कृषि क्षेत्र को विकास का प्रथम इंजन मानते हुए इस पर ध्यान दिया गया है जो भारत के खाद्य एवं कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने की दिशा में निर्णायक कदम साबित हो सकता है। दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का अधिक जोर है।