खरीदारों की नजर अगली फसल पर होने से कनाडा में मसूर का कारोबार सुस्त
12-Jun-2025 07:25 PM
वैंकुवर। कनाडा में 2024-25 का मौजूदा मार्केटिंग सीजन अंतिम चरण में प्रवेश कर गया है और वहां अगस्त से नई फसल की कटाई-तैयारी शुरू हो जाएगी। मसूर के खरीदारों का ध्यान अगली फसल पर केन्द्रित है और इसलिए मौजूदा स्टॉक के लिए कारोबार सुस्त पड़ गया है।
मार्च तथा अप्रैल माह के दौरान कनाडा से सामान्य की तुलना में कम मात्रा में मसूर का निर्यात हुआ जिससे वहां स्टॉक अधिक हो गया है और इसलिए खरीदारों को जल्दबाजी दिखाने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
कनाडा के सस्कैचवान तथा अल्बर्टा प्रान्त में मसूर की बिजाई पूरी हो चुकी है और फसल का अब सामान्य ढंग से विकास हो रहा है। खरीदारों को फसल उत्पादन के आरंभिक अनुमानित आंकड़े का इंतजार है और इसके आधार पर वे अपनी अगली रणनीति बना सकते हैं। आमतौर पर जून जुलाई के दौरान कनाडा में मसूर का कारोबार धीमा पड़ जाता है।
हरी मसूर की कीमतों में नरमी का माहौल देखा जा रहा है जिसका एक कारण भारत में तुवर का भाव कमजोर पड़ना है। हाल के सप्ताहों में लाल मसूर के दाम में भी थोड़ी गिरावट आई है।
हालांकि भारत सरकार ने मसूर पर 10 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा दिया है लेकिन कनाडा के उत्पादक एवं निर्यातक इससे ज्यादा चिंतित नहीं हैं। लेकिन लाल मसूर का निर्यात प्रदर्शन हाल के महीनों में उत्साहवर्धक नहीं रहा।
कनाडा में मौसम भी किसानों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। सबसे प्रमुख कृषि उत्पादक राज्य- सस्कैचवान के अधिकांश इलाकों में मौसम काफी गर्म एवं शुष्क बना हुआ है और तेज गर्म हवा के प्रवाह से मसूर की फसल प्रभावित होने की आशंका है।
पिछले सप्ताह इस राज्य में मसूर की 79 प्रतिशत फसल को अच्छी या उत्साहवर्धक स्थिति में आंका गया लेकिन कई इलाकों में उत्पादकों ने जोर देकर कहा है कि फसल को बारिश की सख्त आवश्यकता है और यदि अगले पांच से दस दिनों के अंदर वर्षा नहीं हुई तो फसल को नुकसान की आशंका बढ़ जाएगी।
कनाडा अभी संसार में मसूर का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश बना हुआ है। भारत में इसकी मांग कुछ कमजोर पड़ गई है क्योंकि यहां नई फसल की आपूर्ति हो रही है और विदेशों से आयात भी जारी है।
