खेतों के जलमग्न होने से आंध्र प्रदेश में खरीफ फसलों को भारी नुकसान
02-Sep-2024 04:20 PM
विजयवाड़ा । देश के दक्षिणी राज्य- आंध्र प्रदेश में मूसलाधार बारिश होने, कई क्षेत्रों में बाढ़ आने तथा खेतों में पानी भर जाने से खासकर तटीय जिलों में खरीफ फसलों को भारी नुकसान होने की खबर मिल राइ है जिससे किसान काफी चिंतित और निराश हैं।
आरंभिक जानकारी के अनुसार लाखों एकड़ जमीन में धान की नर्सरी एवं खरीफ फसलों के क्षतिग्रस्त होने से भारी तबाही हुई है।
कृषि विभाग के अनुसार कृष्ण, एनटीआर, गुंटूर, पालनाडु, एलुरु तथा पश्चिमी गोदावरी जिले के 47 से अधिक मंडलों में खरीफ फसलों के व्यापक रूप से नुकसान हुआ है। इस क्रम में जिन फसलों को ज्यादा क्षति हुई है उसमें लालमिर्च, फसल धान एवं दलहन मुख्य रूप से शामिल हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार घनघोर वर्षा, बाढ़ एवं सैलाब में 2 लाख एकड़ से अधिक भूमि में फसलें जलमग्न हो गई हैं।
कृषि विभाग के फील्ड स्टाफ को नुकसान का वास्तविक आंकलन करने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है क्योंकि चारों ओर पानी भरा होने से उसे दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचने में काफी कठिनाई हो रही है।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की अनियमित एवं अनिश्चित वर्षा के कारण इस बार आंध्र प्रदेश में खरीफ फसलों की बिजाई में देर हो गई और जब इसकी रफ्तार बढ़ने लगी तब खेत जलमग्न हो गए।
पिछले दो-तीन दिनों से राज्य के अनेक जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले एक-दो दिन तक बारिश का दौर जारी रहा तो खरीफ फसलों को और अधिक क्षेत्र में नुकसान हो सकता है।
लालमिर्च तथा कपास की नर्सरियों के सुरक्षित बचने की संभावना बहुत कम बताई जा रही है जबकि दलहन फसलों को भी गंभीर खतरा बना हुआ है।
