खाद्यान्न के रिकॉर्ड उत्पादन से खाद्य महंगाई पर नियंत्रण के आसार
31-Dec-2025 08:03 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2025-26 के सीजन में खाद्यान्न का घरेलू उत्पादन बढ़कर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है जबकि विदेशों से सस्ते दलहनों एवं खाद्य तेलों का भारी आयात जारी है। इसके अलावा अनेक खाद्य उत्पादों पर जीएसटी को कम या खत्म कर दिया गया है।
इससे खाद्य महंगाई पर अंकुश लगाने में अच्छी सहायता मिल रही है। खरीफ कालीन फसलों की आवक पहले ही आरंभ हो चुकी है जबकि रबी फसलों की कटाई-तैयारी आगामी महीनों में शुरू होने वाली है।
केन्द्रीय कृषि सचिव के अनुसार खरीफ उत्पादन सकारात्मक देखा जा रहा है जबकि रबी फसलों की बिजाई में अच्छी प्रगति हो रही है। इसे देखते हुए 2025-26 का कुल उत्पादन एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है।
कृषि मंत्रालय के प्रथम अग्रिम अनुमान में 2025-26 के खरीफ सीजन में खाद्यान्न का कुल उत्पादन बढ़कर 1733.30 लाख टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है जो 2024-25 के अंतिम समीक्षित उत्पादन 1694 लाख टन से काफी ज्यादा है।
इसके तहत 1245 लाख टन से अधिक चावल तथा 283 लाख टन मक्का के उत्पादन का अनुमान भी शामिल है। लेकिन सितम्बर-अक्टूबर माह के दौरान अत्यधिक वर्षा होने तथा खेतों में पानी भरने से देश के पश्चिमी एवं पूर्वी भाग में खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ जिसे सरकार ने शायद नजरअंदाज कर दिया। दलहन-तिलहन की फसल इस प्राकृतिक आपदा से ज्यादा प्रभावित हुई।
रबी फसलों का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष से करीब 7 लाख हेक्टेयर आगे चल रहा है। जिन फसलों के उत्पादन क्षेत्र में बढ़ोत्त्तरी हुई है उसमें गेहूं, धान, चना, मसूर, जौ, मक्का आदि शामिल है।
इसके अलावा सरसों का रकबा भी बढ़ा है। अनुकूल मौसम के सहारे इन फसलों के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।
