ला नीना की वजह से शीतकाल में भारी ठंड का प्रकोप रहने की आशंका

13-Sep-2024 04:06 PM

नई दिल्ली । भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस बार समूचे देश में जाड़े के सीजन में भयंकर ठंड का प्रकोप रहने का अलर्ट जारी किया है। ला नीना मौसम चक्र के सक्रिय होने से ठंड की तीव्रता असाधारण रूप से बढ़ सत्की है। कुछ पर्वतीय इलाकों में बर्फ़बारी शुरू हो गई है।

ध्यान देने की बात है कि विषुवतीय प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान सामान्य औसत से ज्यादा ठंडा होने पर ला नीना मौसम चक्र का निर्यात होता है। इसके आने से देश में ठंड का प्रकोप बढ़ेगा और बारिश भी ज्यादा होगी। 

मौसम विभाग ने 2 सितम्बर को ही इसकी पुष्टि कर दी थी कि इस बार ला नीना के कारण देश में न केवल कंपकंपाती ठंड पड़ेगी बल्कि इसकी अवधि भी लम्बी हो सकती है। इस अवधि के दौरान अत्यन्त तेज पूर्वी हवा का प्रवाह होगा जिसमें अक्सर नमी का अंश ज्यादा होता है।

इससे समुद्री जल का प्रवाह पश्चिम दिशा की तरफ होगा और इसकी सतह ठंडी होती जाएगी। मौसम विभाग के मुताबिक इस घटनाक्रम के तहत खासकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में भयंकर ठंड का प्रकोप रहने की संभावना है जिसके प्रभाव से राजस्थान,

पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं दिल्ली तक मौसम लम्बे समय तक ठंडा रह सकता है। पहाड़ी राज्यों में तापमान लुढ़ककर 3 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ सकता है।

इससे रबी फसलों को नुकसान की आशंका रहेगी। भारी ठंड, घना कोहरा तथा अधिक वर्षा से फसल प्रभावित हो सकती है। धूप की कमी से फसलों के विकास की गति धीमी पड़ने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि रबी फसलों की अगैती बिजाई अक्सर अक्टूबर में शुरू हो जाती है और नवम्बर से जनवरी तक जोरदार बिजाई चलती रहती है।

इस बार मानसून की भारी वर्षा हुई है और बांधों-जलाशयों में पानी का पर्याप्त भंडार भी मौजूद है। मानसून का प्रस्थान देर से होने की संभावना है।

निचले इलाकों में पानी जमा होने तथा नमी का ऊंचा अंश मौजूद रहने पर रबी फसलों की बिजाई प्रभावित हो सकती है। जाड़े के दिनों में दक्षिणी एवं मध्यवर्ती भारत में भारी वर्षा हो सकती है।