लग्नसरा का सीजन तथा कम स्टॉक के बावजूद काजू में तेजी का अभाव

22-Nov-2024 06:00 PM

नई दिल्ली । गत 13 नवम्बर से लग्नसरा एवं मांगलिक उत्सवों का सीजन आरंभ हो चुका है। मोटे अनुमान के अनुसार दिसम्बर के अंत तक देश भर में कम से कम 40 अब जोड़े की शादी होने वाली है जिससे काजू की मांग एवं खपत बढ़ने की उम्मीद है। इससे पूर्व इस वर्ष दीपावली के अवसर पर काजू में काफी अच्छा कारोबार हुआ था जिससे इसका स्टॉक काफी घट गया है।

फिलहाल प्रसंस्कृत काजू कर्नेल का भाव एक निश्चित सीमा में लगभग स्थिर बना हुआ है और सीमित मांग के कारण कीमतों में कोई तेजी नहीं देखी जा रही है। वैसे आगामी महीनों में यदि खाड़ी क्षेत्र के देशों में अच्छी मांग निकलती है तो काजू का भाव कुछ तेज हो सकता है। 

वियतनाम तथा अफ्रीकी देश काजू का निर्यात बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं जिससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है।

भारत स्वयं काजू की खपत का सबसे बड़ा बाजार है इसलिए उत्पादक इसका निर्यात करने पर कम तथा घरेलू बिक्री करने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। बेशक अभी घरेलू प्रभाग में काजू का भाव स्थिर या कुछ नरम चल रहा है मगर जल्दी ही कीमतों की दशा एवं दिशा बदल सकती है। 

व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक मध्य जनवरी के बाद काजू के दाम में अच्छी तेजी आने की उम्मीद है जबकि वर्तमान समय में तमाम ड्राई फ्रूट्स का बाजार सुस्त देखा जा रहा है।

समीक्षकों के अनुसार मूंगफली के नए माल की आवक जोर पकड़ने तथा कीमत नीचे होने से अभी मिष्ठान निर्माता इसका उपयोग बढ़ा रहे हैं।

काजू में बड़े-बड़े ब्रांडेड मिष्ठान निर्माताओं की सामान्य मांग बरकरार है और आगे भी कायम रहने की संभावना है। दीपावली के बाद काजू की मांग कुछ कमजोर पड़ी है।

घरेलू प्रभाग में उत्पादन की स्थिति संतोषजनक है और मार्केट में इसकी अच्छी उपलब्धता बनी हुई है। ऐसा लगता है कि काजू बाजार में तत्काल कोई विशेष हलचल नहीं रहेगी और नहीं कीमतों में जोरदार उछाल आएगा।