मूंग की बुवाई में जोरदार तेजी, समय से मानसून और उच्च MSP बना सहारा
08-Jul-2025 12:13 PM
मूंग की बुवाई में जोरदार तेजी, समय से मानसून और उच्च MSP बना सहारा
★ 2025 के खरीफ सीजन में समय पर मानसून की आमद और उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के चलते मूंग की बुवाई में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। विभिन्न राज्यों और भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख राज्यों — महाराष्ट्र, कर्नाटक और राजस्थान — में कुल मिलाकर मूंग की बुवाई 19.05 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में मात्र 7.74 लाख हेक्टेयर थी। यानी अब तक 11.31 लाख हेक्टेयर की बुवाई अधिक हो चुकी है।
★ सबसे बड़े उत्पादक राज्य राजस्थान में बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में करीब 11 लाख हेक्टेयर अधिक दर्ज की गई है। हालांकि यह आंकड़े प्रारंभिक हैं और अंतिम बुवाई के बाद इनमें कुछ बदलाव हो सकते हैं।
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मूंग की बुवाई में यह तेजी कई कारणों से देखी जा रही है:
★ मूंग की MSP सभी दलहनों से ऊँची।
★ सरकार और निजी खरीदारों द्वारा इसकी सक्रिय खरीद की जाती है।
★ आयात बंद होने के कारण विदेशी माल की चिंता नहीं।
★ यह एक अल्प अवधि की फसल है, जो 60–70 दिनों में तैयार हो जाती है। इससे खेत को अगली फसल के लिए जल्दी खाली किया जा सकता है।
★ राजस्थान के किसान मूंग को प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि मिट्टी की उर्वरता (नाइट्रोजन की मात्रा) बढ़ाई जा सके और रबी सीजन में समय पर सरसों की बुवाई की जा सके। जल्दी मूंग बोने से उसकी कटाई भी जल्दी हो जाएगी, जिससे किसान रबी फसल के लिए समय से तैयारी कर सकेंगे।
★ इस बीच मध्य प्रदेश में मूंग की सरकारी खरीद भी इस सप्ताह से शुरू हो चुकी है।
★ दलहनों में मूंग ही ऐसी फसल हैं जिसकी हर महीने किसी न किसी राज्यों में आवक चालू रहती है।
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★ कैसे रहेंगे भाव- आगामी 20 दिनों में बिजाई की और स्पष्ठता आएगी जिसके बाद ही भविष्य के बाज़ारों की चाल बताई जा सकती है।
