मूंग-मोठ एवं उड़द की बिजाई बढ़ी- तुवर का रकबा पीछे
19-Aug-2025 11:07 AM
नई दिल्ली। हालांकि घटते-बढ़ते अंततः खरीफ कालीन दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से कुछ आगे निकल गया है मगर सबसे प्रमुख दलहन-अरहर (तुवर) का रकबा अब भी पीछे चल रहा है। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के 15 अगस्त 2025 तक के आंकड़ों से पता चलता है कि दलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 109.52 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया
जो पिछले साल के बिजाई क्षेत्र 108.39 लाख हेक्टेयर से 1.13 लाख हेक्टेयर ज्यादा मगर पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 129.61 लाख हेक्टेयर से 20.09 लाख हेक्टेयर कम है। खरीफ कालीन दलहन फसलों की बिजाई बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच गई है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर मूंग का उत्पादन क्षेत्र 32.76 लाख हेक्टेयर से उछलकर 33.70 लाख हेक्टेयर, उड़द का बिजाई क्षेत्र 19.90 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 20.82 लाख हेक्टेयर,
मोठ का क्षेत्रफल 8.70 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.14 लाख हेक्टेयर तथा कुलथी का रकबा 17 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 20 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया लेकिन तुवर का उत्पादन क्षेत्र 43.54 लाख हेक्टेयर से घटकर 42.20 लाख हेक्टेयर रह गया। अन्य दलहन फसलों का रकबा 3.32 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 3.46 लाख हेक्टेयर हो गया।
प्राप्त आंकड़ों से स्पष्ट पता चलता है कि इस वर्ष सभी खरीफ दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र पंचवर्षीय औसत से काफी पीछे चल रहा है। तुवर एवं मूंग की स्थिति इस मामले में उड़द से बेहतर है।
उदाहरणस्वरूप इस बार तुवर का सामान्य औसत क्षेत्रफल 44.71 लाख हेक्टेयर एवं मूंग 35.69 लाख हेक्टेयर आंका गया है जबकि इसका बिजाई क्षेत्र क्रमश: 42.20 लाख हेक्टेयर और 33.70 लाख हेक्टेयर पर पहुंच चुका है। दूसरी ओर उड़द का सामान्य औसत क्षेत्रफल 32.69 लाख हेक्टेयर नियत हुआ है जबकि इसका रकबा केवल 20.82 लाख हेक्टेयर तक ही पहुंच सका है।
यद्यपि आमतौर पर खरीफ कालीन दलहन फसलों की हालत संतोषजनक बताई जा रही है लेकिन इलाकों में भारी बारिश, खेतों में जल जमाव एवं बाढ़ के प्रकोप से फसलों को नुकसान होने की सूचना भी मिल रही है।
बारिश का दौर अभी जारी है। हालांकि तुवर एवं उड़द के न्यूनतम समर्थन मूल्य में अच्छी बढ़ोत्तरी की गई है लेकिन इसकी खेती में किसान अपेक्षित दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इससे दलहनों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के सरकारी प्रयास को धक्का लग सकता है।
