महाराष्ट्र गुजरात एवं आंध्र प्रदेश के जलाशयों में पानी का स्तर ऊंचा
09-Jan-2026 04:35 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय जल आयोग के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि देश के अन्य राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, मेघालय एवं आंध्र प्रदेश के जलाशयों में पानी का स्तर ऊंचा है। मेघालय तथा गोवा में एक-एक जलाशय है जिसमें कुल भंडारण क्षमता के सापेक्ष क्रमश: 100 प्रतिशत एवं 95 प्रतिशत पानी का स्टॉक उपलब्ध है।
आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी संभाग के 53 प्रमुख जलाशयों में 85 प्रतिशत पानी का भंडार उपलब्ध है। इसके तहत महाराष्ट्र में 87 प्रतिशत और गुजरात में 83 प्रतिशत पानी का स्टॉक है जबकि गोवा में जल स्तर 95 प्रतिशत दर्ज किया गया।
जहां तक दक्षिणी राज्यों की बात है तो वहां आंध्र प्रदेश के जलाशयों में भंडारण क्षमता के सापेक्ष 84 प्रतिशत और तमिलनाडु में 76 प्रतिशत पानी का स्टॉक मौजूद है जबकि यह जल स्तर केरल में 70 प्रतिशत, तेलंगाना में 67 प्रतिशत और कर्नाटक में 64 प्रतिशत आंका गया है।
दक्षिणी भारत में केवल आंध्र प्रदेश के बांधों में 64 प्रतिशत आंका गया है। दक्षिणी भारत में केवल आंध्र प्रदेश के बांधों में जल स्तर पिछले साल से ऊंचा है।
इस संभाग के 47 जलाशयों में 39.057 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी का स्टॉक उपलब्ध है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 55.287 बीसीएम का 70.6 प्रतिशत है। पिछले साल की समान अवधि में इन बांधों-जलाशयों में 40.392 बीसीएम या 73 प्रतिशत पानी का स्टॉक मौजूद था।
महाराष्ट्र, गुजरात एवं आंध्र प्रदेश में कुछ छह बांधों में जल स्तर 95 से 100 प्रतिशत के बीच है जिससे वहां रबी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकती है।
राष्ट्रीय स्तर पर 37 जलाशयों में 90 प्रतिशत से अधिक पानी का भंडार है। उत्तरी क्षेत्र के जलाशय में 69 प्रतिशत पानी है। राजस्थान में 86 प्रतिशत, पंजाब में 70 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश में 63 प्रतिशत पानी का स्टॉक उपलब्ध है।
