महाराष्ट्र में 2024-25 सीजन में चीनी उत्पादन में भारी गिरावट कारण

22-Mar-2025 10:18 AM

महाराष्ट्र में 2024-25 सीजन में चीनी उत्पादन में भारी गिरावट कारण 
★ 2024-25 सीजन में केवल 904 लाख टन गन्ना पेराई के लिए उपलब्ध था, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 1,076 लाख टन था।
★ मानसून के दौरान हुई अनियमित और अपर्याप्त बारिश से गन्ने की गुणवत्ता और बढ़त प्रभावित हुई। 
★ चारे की कमी के कारण किसानों ने गन्ने को पशु चारे के रूप में इस्तेमाल भी बढ़ा।
★ महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के कारण गन्ने की पेराई देरी से शुरू हुई थी।
★ कर्नाटक की चीनी मिलों ने 8 नवंबर, 2024 से ही संचालन शुरू कर दिया, जिससे महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सांगली जैसे सीमावर्ती जिलों से बड़ी मात्रा में गन्ना कर्नाटक की मिलों में चला गया।
★ इस वर्ष केंद्र सरकार ने गन्ने के रस और बी-हेवी शीरा से इथेनॉल उत्पादन की अनुमति दी। नतीजतन, 12 लाख टन गन्ना इथेनॉल उत्पादन के लिए भेजा गया, जिससे चीनी उत्पादन के लिए कम गन्ना उपलब्ध हुआ।  
★ इस वर्ष गन्ने से चीनी की रिकवरी दर घटकर 9.45% रह गई, जो पिछले वर्ष 10.16% थी। कोल्हापुर में रिकवरी दर 10.75% रही, जबकि सोलापुर में यह 7.88% थी। 
★ 18 मार्च, 2025 तक 200 में से 172 मिलें अपना संचालन बंद कर चुकी थीं, जबकि पिछले सीजन में इस अवधि तक अधिक मिलें चालू थीं।
★ इस सीजन में खांडसारी और गुड़ बनाने वाली इकाइयों में वृद्धि हुई, जिससे किसानों ने तेजी से भुगतान के लिए अपना गन्ना मिलों की बजाय इन इकाइयों को बेचा।  
★ 18 मार्च, 2025 तक महाराष्ट्र में 837.31 लाख टन (पिछले वर्ष 1,029.98 लाख टन -19%) गन्ने की पेराई कर 79.11 लाख टन उप्तादन कियो जो पिछले वर्ष 104.68 लाख टन था, यानी लगभग 24% की गिरावट देखी गई।
★ इसके अलावा उत्तर प्रदेश में भी गन्ना फसल में रोग लगा, कर्णाटक और अन्य राज्यों में भी उत्पादन घटा। 
★ उत्पादन घटने और निर्यात खुलने से चीनी की कीमतों में तेजी बनी रहने की उम्मीद।