महाराष्ट्र में गन्ना की जोरदार क्रशिंग शुरू मगर चीनी की रिकवरी दर कमजोर

10-Dec-2024 05:19 PM

पुणे । देश के सबसे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में क्रियाशील इकाइयों की संख्या बढ़ने के साथ ही गन्ना की क्रशिंग जोर पकड़ने लगी है। इस बार राज्य में 15 नवम्बर से गन्ना की क्रशिंग आरंभ हुई और 9 दिसम्बर तक 146.23 लाख टन की क्रशिंग से 115.42 लाख क्विंटल (11.54 लाख टन) चीनी का निर्माण हुआ। गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर महज 7.96 प्रतिशत रही।

आगे इसमें सुधार आने की उम्मीद है। पुणे संभाग में 37.69 लाख टन गन्ना की क्रशिंग से 30.01 लाख क्विंटल तथा कोल्हापुर संभाग में 33.22 लाख टन गन्ना की क्रशिंग से 30.45 लाख क्विंटल चीनी का निर्माण हुआ। जो पुणे मंडल में 27 तथा कोल्हापुर मंडल में 34 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग हुई। 

इसी तरह समीक्षाधीन अवधि के दौरान सोलापुर संभाग में 25.37 लाख टन गन्ना की क्रशिंग से 17.71 लाख क्विंटल तथा अहमदनगर संभाग में 18.90 लाख टन गन्ना की क्रशिंग से 13.84 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ।

सोलापुर में 29 तथा अहमदनगर में 20 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग हुई जबकि औसत रिकवरी दर 7.50 प्रतिशत से नीचे रही। 

नांदेड, छत्रपति संभाजी नगर में भी गन्ना की क्रशिंग जोर पकड़ने लगी है। नांदेड संभाग में 26 इकाइयों में 16.92 लाख टन गन्ना की क्रशिंग से 13.60 लाख क्विंटल चीनी का निर्माण हुआ  जबकि छत्रपति संभाजी नगर की 17 इकाइयों में 12.55 लाख टन गन्ना की क्रशिंग से 8.64 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ।

अमरावती संभाग की दो मिलों में 1.56 लाख टन गन्ना की क्रशिंग से 1.17 लाख क्विंटल चीनी का निर्माण हुआ। महाराष्ट्र में सहकारी एवं प्राइवेट- दोनों क्षेत्रों की चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग बढ़ने लगी है जबकि आगामी समय में इसकी रफ्तार और भी तेजी होने की संभावना है। मैच्योर गन्ना से चीनी की रिकवरी दर में भी सुधर आएगा।