महाराष्ट्र में गन्ना की क्रशिंग में पुणे एवं सोलापुर संभाग आगे रहा

11-May-2026 08:33 PM

मुम्बई। महाराष्ट्र 2024-25 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में चीनी के उत्पादन में उत्तर प्रदेश से पिछड़कर दूसरे  नम्बर पर आ गया था लेकिन 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में पुनः प्रथम स्थान पर पहुंच गया। यह अलग बात है कि चालू मार्केटिंग सीजन में भी वहां चीनी का कुल उत्पादन 100 लाख टन तक नहीं पहुंच सका। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन के दौरान महाराष्ट्र में गन्ना की क्रशिंग में पुणे तथा सोलापुर संभाग सबसे आगे रहा मगर वहां गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर कमजोर रही। दूसरी ओर कोल्हापुर  संभाग में ऊंची रिकवरी दर के कारण चीनी का सर्वाधिक उत्पादन हुआ। वहां रिकवरी दर भी सबसे ऊंची रही। 

महाराष्ट्र में इस बार गन्ना की क्रशिंग का सीजन 105 दिनों में ही समाप्त हो गया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 सीजन के दौरान इस मात्रा में कुल मिलाकर करीब 10.45 करोड़ टन गन्ना की क्रशिंग हुई और 9.49 प्रतिशत की औसत रिकवरी दर के साथ 99.18 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ। इसके मुकाबले 2024-25 के सीजन में वहां 853.82 लाख टन गन्ना की क्रशिंग हुई थी और इस वर्ष गन्ना की क्रशिंग में करीब 191.76 लाख टन तथा चीनी के उत्पादन में 18.25 लाख टन की वृद्धि हुई। 

पुणे संभाग की 32 इकाइयों में इस बार 222.55 लाख टन तथा सोलापुर डिवीजन की 49 मिलों में 222.05 लाख टन गन्ना की क्रशिंग हुई। इसके मुकाबले कोल्हापुर संभाग की 38 मिलों में 210.46 लाख टन गन्ना की क्रशिंग संभव हो सकी। लेकिन इसके बावजूद कोल्हापुर संभाग में गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर सबसे ऊंची 11.02 प्रतिशत रही जिससे वहां चीनी का उत्पादन 23.19 लाख टन से कुछ ऊपर पहुंच गया। 

महाराष्ट्र के शुगर कमिश्नर का कहना है कि आरम्भिक चरण में 2025-26 सीजन के दौरान राज्य में चीनी का उत्पादन बढ़कर 105 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया था लेकिन वास्तविक उत्पादन 99 लाख टन के आसपास ही सिमट गया। राज्य में गन्ना क्रशिंग की क्षमता बढ़ रही है जिससे गन्ना की उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता है।