महाराष्ट्र में मानसून की सक्रियता बढ़ी- कुछ अन्य प्रांतों में भी वर्षा जारी
29-May-2025 08:16 PM
तिरुअनन्तपुरम। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अप्रैल में 2025 के दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान देश में दीर्घ कालीन औसत के मुकाबले 105 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान लगाया था जिसे मई में बढ़ाकर 106 प्रतिशत कर दिया।
इसके साथ-साथ उसने जून में सामान्य औसत से ज्यादा वर्षा होने की संभावना है। महाराष्ट्र पर मानसून इस बार कुछ अधिक मेहरबान दिख रहा है।
राज्य के विभिन्न भागों में पिछले कुछ दिनों से भारी वर्षा हो रही है जबकि कुछ अन्य राज्यों में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। दक्षिण भारत के तमाम राज्यों में रुक-रूककर वर्षा हो रही है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार 1 जून की नियत तिथि से 8 दिन पहले 24 मई को ही केरल पहुंच गया था और तब से लगातार आगे बढ़ता जा रहा है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में अच्छी वर्षा होने से किसानों को धान सहित अन्य खरीफ फसलों की खेती इस बार जल्दी शुरू करने में सहायता मिल रही है।
महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश एवं गुजरात के कुछ भागों में भी मानसून पहुंच चुका है। मुम्बई, नासिक, रत्नागिरी एवं अन्य जिलों के साथ कोंकण तथा गोवा में बारिश होने से किसानों ने खेतों की तैयारी एवं फसलों की बिजाई का अच्छा अवसर मिल रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न मानसून अब देश के पूर्वी राज्यों में सक्रिय होने जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून की मौजूदा रफ्तार बरकरार रही तो मध्य जून तक यह देश के अधिकांश भाग को कवर कर लेगा।
आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे अंत में 7-8 जुलाई को राजस्थान की पश्चिमी सीमा तक पहुंचता है लेकिन इस बार यह वहां नियत समय से पहले पहुंच सकता है।
वहां तक पहुंचने के क्रम में इसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा एवं पंजाब को पार करना होगा। चूंकि मानसून की तीव्रता, सघनता एवं गतिशीलता अच्छी है इसलिए अगले कुछ दिनों तक देश के विभिन्न राज्यों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। इससे बांधों- जलाशयों में पानी का स्तर भी बढ़ेगा।
