महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ना की उपज दर घटने की संभावना

06-Dec-2024 04:57 PM

पुणे । देश के सबसे बड़े तथा तीसरे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों- महाराष्ट्र तथा कर्नाटक में कुछ करणों से इस बार गन्ना की उपज दर और कहीं-कहीं गन्ना से चीनी की रिकवरी दर में गिरावट आने की संभावना है।

पश्चिमी महाराष्ट्र में गन्ना की फसल पर सफेद ग्रब कीट तथा कुछेक इलाकों में रेड रोट रोग का प्रकोप देखा जा रहा है जिससे उत्पादकता में कमी आ सकती है।

उद्योग समीक्षकों के अनुसार यद्यपि अभी निश्चित रूप से कुछ कहना जल्दबाजी होगी लेकिन पीछे एक पखवाड़े से फसल का जो निरीक्षण-परीक्षण किया जा रहा है उसके आधार पर कहा जा सकता है गन्ना की उपज दर सामान्य स्तर की तुलना में 10-15 टन प्रति हेक्टेयर कम रह सकती है।

कोल्हापुर के एक ब्रोकर एवं चीनी निर्यातक का कहना है कि गन्ना की फसल गत वर्ष से काफी कमजोर नजर आ रही है। जून से सितम्बर के दौरान मानसून के कारण फसल को पर्याप्त धूप नहीं मिल सकी जिससे इसका विकास प्रभावित हुआ। महाराष्ट्र के साथ-साथ कर्नाटक में भी यही हालत रही। इससे उपज दर घटने की आशंका है। 

कर्नाटक में पिछले साल 74 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग शुरू हुई थी जबकि इस बार क्रियाशील मिलों की संख्या बढ़कर 79 हो गई है।

कर्नाटक गन्ना उत्पादक संघ के अध्यक्ष का कहना है कि बेलगाम, विजय नगर एवं हावेरी जैसे जिलों में गन्ना की फसल पर सफेद ग्रब कीट के प्रकोप के लक्ष्य दिख रहे हैं। इससे उपज दर में कमी आएगी।

कर्नाटक में 2023-24 सीजन के दौरान 5.65 करोड़ टन गन्ना का उत्पादन हुआ था जबकि 2024-25 के वर्तमान सीजन में यह घटकर 5 करोड़ टन के करीब रह सकता है।

सफेद ग्रब बीमारी के अलावा कुछ क्षेत्रों में ग्रीष्मकाल के दौरान फसल को पर्याप्त पानी भी नहीं मिल सका जिससे इसकी प्रगति ठीक ढंग से नहीं हो सकी। इसके फलस्वरूप कर्नाटक   में गन्ना की औसत उपज दर में 5 से 10 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।