मई के अंत तक 79 लाख टन सोयाबीन की क्रशिंग होने का अनुमान

13-Jun-2025 07:54 PM

इंदौर। स्वदेशी वनस्पति तेल एवं तिलहन उद्योग- व्यापार क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण-संगठन सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) की नवीनतम मासिक रिपोर्ट में दर्ज आंकड़ों से पता चलता है कि चालू मार्केटिंग सीजन के शुरूआती 8 महीनों में यानी अक्टूबर 2024 से मई 2025 के दौरान घरेलू मंडियों में करीब 83.50 लाख टन सोयाबीन की आवक हुई जिसमें से 79 लाख टन की क्रशिंग- प्रोसेसिंग हो गई।

इसके अलावा 3.85 लाख टन की सीधी खपत हुई और 9 हजार टन का निर्यात किया गया। इसके बाद क्रशर्स / प्रोसेसर्स एवं उत्पादकों के पास 22.84 लाख टन सोयाबीन का बकाया अधिशेष स्टॉक रह गया। 

पिछले साल की समान अवधि के दौरान विभिन्न मंडियों में 89.50 लाख टन सोयाबीन की आपूर्ति एवं 86.50 लाख टन की क्रशिंग- प्रोसेसिंग हुई थी।

इसके अलावा 3.50 लाख टन सोयाबीन का प्रत्यक्ष उपयोग और 5 हजार टन का निर्यात हुआ। 1 जून 2024 को प्लांटर्स / उत्पादकों के पास 45.71 लाख टन का स्टॉक बच गया था।  

सोपा की रिपोर्ट के मुताबिक  2024-25 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान 8.94 लाख टन के पिछला बकाया स्टॉक, 125.82 लाख टन के उत्पादन तथा 25 लाख टन के संभावित आयात के सोयाबीन की कुल उपलब्धता 135 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान है।

इसके मुकाबले 2023-24 के सीजन में 24.07 लाख टन के पिछला बकाया स्टॉक, 118.74 लाख टन के उत्पादन तथा 6.25 लाख टन के आयात के साथ सोयाबीन की कुल उपलब्धता बढ़कर 149.06 लाख टन पर पहुंच गई। आमतौर पर 13 लाख टन सोयाबीन का स्टॉक अगली बिजाई के लिए आरक्षित रखा जाता है।

जहां तक सोयामील का सवाल है तो इसका पुराना स्टॉक 2024 के 1.17 लाख टन से बढ़कर 2025 में 1.33 लाख टन पर पहुंचा। गत वर्ष विदेशों से 24 हजार टन का आयात हुआ था मगर इस वर्ष इसका कोई आयात नहीं हुआ है।

लेकिन सोया डीओसी का उत्पादन 2023-24 सीजन के 68.26 लाख टन से घटकर 2024-25 के सीजन में 62.34 लाख टन पर अटक गया।

इस पर शुरूआती आठ महीनों में देश से 16.63 लाख टन सोयामील का निर्यात हुआ जो 2023-24 सीजन की समान अवधि के शिपमेंट 16.41 लाख टन से 1.78 लाख टन कम रहा।

खाद्य उद्देश्य में सोयामील का उपयोग 5.45 लाख टन से सुधरकर 5.55 लाख टन एवं सीड निर्माण में उपयोग 45.50 लाख टन से घटकर 42 लाख टन रह गया।