मई में सीपीआई पर आधारित महंगाई घटकर 2.82 प्रतिशत पर आई

13-Jun-2025 03:10 PM

नई दिल्ली। खाद्य पदार्थों के दाम में थोड़ी नरमी आने के कारण मई 2025 के दौरान उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई की दर अप्रैल के 3.16 प्रतिशत से घटकर 2.82 प्रतिशत रह गई जो फरवरी 2018 के बाद का सबसे निचला स्तर है। केन्द्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल की तुलना में मई के दौरान खुदरा महंगाई की दर में 34 आधार बिंदुओं की गिरावट आई। ज्ञात हो कि अक्टूबर 2024 में सीपीआई महंगाई दर उछलकर 6.21 प्रतिशत पर पहुंच गई थी जो पिछले 14 महीने में सबसे ऊंची रही थी। महंगाई दर में उम्मीद से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। समीक्षकों ने मई में महंगाई दर 2.95 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। 

अखिल भारतीय उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक पर आधारित वार्षिक महंगाई दर मई 2024 की तुलना में मई 2025 के दौरान 0.99 प्रतिशत दर्ज की गई। इसकी दर ग्रामीण इलाकों में 0.95 प्रतिशत एवं शहरी क्षेत्रों में 0.96 प्रतिशत रही। अप्रैल 2025 की तुलना में मई 2025 के दौरान खाद्य महगांई दर में 79 आधार बिंदुओं की भारी गिरावट आई। दरअसल मई 2025 के दौरान खाद्य महंगाई दर घटकर अक्टूबर 2021 के बाद सबसे निचले स्तर पर सिमट गई। 

इसके तहत खासकर दाल-दलहनों, सब्जियों, फसलों, अन्य अनाजों एवं उसके उत्पादों घरेलू सामानों एवं सेवाओं, चीनी तथा कन्फेक्शनरी के दाम में गिरावट दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई दर अप्रैल के 2.92 प्रतिशत से घटकर मई में 2.59 प्रतिशत से घटकर मई में 0.96 प्रतिशत पर अटक गई। दाल-दलहनों के दाम में अप्रैल के दौरान 5.23 प्रतिशत की गिरावट आई थी जो मई में 8.22 प्रतिशत हो गई। इसके अलावा अनाज एवं उत्पाद की महंगाई दर मई में 4.77 प्रतिशत, दूध एवं दुग्ध उत्पादों में 3.15 प्रतिशत तथा ईंधन में 2.78 प्रतिशत दर्ज की गई। खाद्य महंगाई दर में आ रही गिरावट को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक को अपनी मौद्रिक नीति और खासकर रेपो रेट में बदलाव करने में सहायता मिल रही है।