मक्का की अगुवाई में मोटे अनाजों के क्षेत्रफल में अच्छी बढ़ोत्तरी

28-Aug-2024 05:16 PM

नई दिल्ली । पिछले साल के मुकाबले चालू खरीफ सीजन के दौरान श्री अन्न सहित मोटे अनाजों के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसमें सबसे प्रमुख योगदान मक्का का है।

बाजरा का क्षेत्रफल गत वर्ष से पीछे चल रहा है। इसमें सबसे प्रमुख योगदान मक्का का है। बाजरा का क्षेत्रफल गत वर्ष से पीछे चल रहा है मगर ज्वार, रागी तथा स्माल मिलेट्स का रकबा पिछले साल से आगे हो गया है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मक्का का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 81.25 लाख हेक्टेयर से 6 लाख हेक्टेयर उछलकर इस बार 87.25 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है।

मक्का के क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी का अनुमान पहले से लगाया जा रहा था क्योंकि एथनॉल निर्माण में इसका उपयोग बढ़ने की उम्मीद है जिससे बाजार भाव मजबूत बना हुआ है। देश के लगभग सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में इस बार मक्का का रकबा बढ़ा है।

केन्द्र सरकार ने इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6.5 प्रतिशत बढ़ाकर 2225 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। फसल की हालत संतोषजनक बताई जा रही है। 

श्री अन्न सहित मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 177.50 लाख हेक्टेयर से 8 लाख हेक्टेयर बढ़कर इस बार 185.50 लाख हेक्टेयर हो गया है।

इसके तहत ज्वार का बिजाई क्षेत्र 13.85 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 14.95 लाख हेक्टेयर, रागी का रकबा 7.65 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.15 लाख हेक्टेयर तथा स्माल मिलेट्स क्षेत्रफल 4.80 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 5.35 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है मगर बाजरा का उत्पादन क्षेत्र 70 लाख हेक्टेयर से घटकर 68.85 लाख हेक्टेयर रह गया है।

मोटे अनाजों की बिजाई अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रमुख उत्पादक राज्यों में मानसून की अच्छी बारिश होने से फसलों का विकास संतोषजनक ढंग से हो रहा है।