मक्का के सहारे मोटे अनाजों के क्षेत्रफल में अच्छी बढ़ोत्तरी

18-Aug-2025 09:47 PM

नई दिल्ली। हालांकि पिछले साल की तुलना में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान मोटे अनाजों के संवर्ग में ज्वार, बाजरा और रागी की बिजाई कुछ कम क्षेत्रफल में हुई है लेकिन मक्का की खेती के प्रति किसानों ने जबरदस्त उत्साह दिखाया है।

इसके फलस्वरूप मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र इस बार बढ़कर 182.34 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो गत वर्ष के बिजाई क्षेत्र 173.22 लाख हेक्टेयर से 9.12 लाख हेक्टेयर तथा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 180.71 लाख हेक्टेयर से 1.63 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। फसल की हालत आमतौर पर संतोषजनक बताई जा रही है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन अवधि के दौरान ज्वार का उत्पादन क्षेत्र 13.96 लाख हेक्टेयर से गिरकर 13.74 लाख हेक्टेयर,

बाजरा का बिजाई क्षेत्र 65.88 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 65.67 लाख हेक्टेयर तथा रागी का रकबा 6.30 लाख हेक्टेयर से घटकर 5.89 लाख हेक्टेयर पर अटक गया लेकिन मक्का का क्षेत्रफल 82.97 लाख हेक्टेयर से 9.82 लाख हेक्टेयर या 11.83 प्रतिशत उछलकर 92.79 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया

जो सामान्य औसत क्षेत्रफल 78.95 लाख हेक्टेयर से भी काफी अधिक है। इसी अवधि में स्मॉल मिलेट्स का रकबा भी 4.12 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 4.25 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। 

मक्का के उत्पादन क्षेत्र में उम्मीद के अनुरूप बढ़ोत्तरी हो रही है। देश के लगभग सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में इसके क्षेत्रफल में इजाफा होने की सूचना मिल रही है।

मक्का की वजह से कुछ राज्यों में सोयाबीन एवं कपास की बिजाई घट गई है। सरकार ने इस महत्वपूर्ण मोटे अनाज का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी 175 रुपए बढ़ाकर 2400 रुपए प्रति क्विंटल नियत कर दिया है।