मक्का और जौ के बिजाई क्षेत्र में भारी बढ़ोत्तरी
13-Jan-2026 11:39 AM
नई दिल्ली। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में इस बार रबी कालीन ज्वार के उत्पादन क्षेत्र में 1.30 लाख हेक्टेयर की भारी गिरावट आ गई लेकिन मक्का और जौ का रकबा बढ़ने से मोटे अनाजों का कुल बिजाई क्षेत्र गत वर्ष से करीब 2 लाख हेक्टेयर आगे निकल गया। हालांकि मोटे अनाजों का कुल रकबा सामान्य औसत क्षेत्र के काफी करीब पहुंच गया है लेकिन गत वर्ष के सम्पूर्ण बिजाई क्षेत्र से काफी पीछे है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन के दौरान 9 जनवरी 2026 तक मोटे अनाजों / श्री अन्न का कुल उत्पादन क्षेत्र 55.20 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 53.17 लाख हेक्टेयर से 2.03 लाख हेक्टेयर ज्यादा मगर पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 55.33 लाख हेक्टेयर से 13 हजार हेक्टेयर पीछे है। पिछले रबी सीजन की पूरी अवधि मोटे अनाजों का सकल रकबा 59.05 लाख हेक्टेयर रहा था।
पिछले सीजन की तुलना में मौजूदा रबी सीजन के दौरान ज्वार का बिजाई क्षेत्र तो 22.66 लाख हेक्टेयर से घटकर 21.36 लाख हेक्टेयर रह गया लेकिन मक्का का उत्पादन क्षेत्र 23.49 लाख हेक्टेयर से उछलकर 25.24 लाख हेक्टेयर और जौ का क्षेत्रफल 6.08 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 7.36 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
इस तरह मक्का के क्षेत्रफल में 1.75 लाख हेक्टेयर तथा जौ के रकबे में 1.28 लाख हेक्टेयर की शानदार बढ़ोत्तरी हुई।
इसके अलावा रागी का रकबा भी 70 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 97 हजार हेक्टेयर तथा स्मॉल मिलेट्स का बिजाई क्षेत्र 10 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 13 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा
जबकि बाजरा का बिजाई क्षेत्र 15 हजार हेक्टेयर पर स्थिर रहा। बिहार में मक्का तथा राजस्थान में जौ की अच्छी बिजाई हुई है। लेकिन उत्पादन आगामी मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
