मखाना बोर्ड की स्थापना से उत्पादकों को विशेष अवसर मिलने के आसार

03-Feb-2025 05:48 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय आम बजट में बिहार में मसाला बोर्ड स्थापित करने की जो घोषणा हुई है उससे उत्पादकों के साथ-साथ अन्य सम्बद्ध पक्षों को भी विशेष अवसर मिलने के आसार हैं।

अपने बाजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा है कि मखाना का उत्पादन, कारोबार, उपयोग एवं प्रसंस्करण बढ़ाने तथा उत्पादकों को आकर्षक मूल्य सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के साथ भागीदारी करके एक व्यापक एवं समेकित कार्यक्रम चलाया जाएगा।

इसके लिए योजना के क्रियान्वयन तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) एवं सहकारी संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष अवसर प्राप्त होगा क्योंकि राज्य में मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन की स्थिति सुधारने के उद्देश्य से मखाना बोर्ड का गठन किया जाएगा।

उपरोक्त गतिविधियों में शामिल लोगों को एफपीओ में संगठित किया जाएगा। यह बोर्ड मखाना किसानों को प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध करवाएगा और यह सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम करेगा कि उन किसानों को सभी सम्बन्धित सरकारी योजनाओं का फायदा मिल सके। 

एक अग्रणी विश्लेषक के अनुसार वास्तविक बदलाव के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए दो दशक पीछे जाना पड़ेगा। वर्ष 2003 में इसकी शुरुआत हुई थी।

उस समय सीमित क्षेत्र में इसका उत्पादन होता था और उत्पादकों की संख्या भी बहुत कम थी। लेकिन समय के साथ इसका दायरा फैलता गया और उत्पादन तथा कारोबार बढ़ने लगा।

यदि उत्पादन पक्ष की चुनौतियों एवं बाधाओं को दूर नहीं किया गया तो शेष योजनाओं का कोई मतलब नहीं रहेगा। उत्पादन बढ़ने पर ही विपणन और कारोबार बढ़ाना संभव हो सकेगा।

भारत से मखाना का निर्यात तो होने लगा है लेकिन इसका कोई सरकारी आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। उम्मीद की जा रही है कि बोर्ड की गठन होने के बाद मखाना को एच एस एन कोड भी प्राप्त हो जाएगा।