मलेशियाई पाम तेल के निर्यात में गिरावट
19-Mar-2025 05:18 PM
पेटालिंग जया । मलेशिया से फरवरी में पाम तेल का निर्यात प्रदर्शन कमजोर रहा और मार्च में भी स्थिति अच्छी नहीं है।
दरअसल सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल तथा रेपसीड कैनोला तेल जैसे प्रमुख प्रतिद्वन्दी खाद्य तेलों की तुलना में पाम तेल का भाव ज्यादा आकर्षक नहीं है इसलिए भारत और चीन सहित कई अन्य देशों के आयातक इसकी खरीद में कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
एक अग्रणी प्राइवेट कार्गो सर्वेयर फर्म- आईटीएस की रिपोर्ट के अनुसार 1 से 15 मार्च के दौरान मलेशिया से 3,81,790 टन पाम तेल उत्पादों का निर्यात हुआ जो 1-15 फरवरी के शिपमेंट 4,22,425 टन से काफी कम रहा।
इंटरटेक टेस्टिंग सर्विसेज (आईटीएस) का कहना है कि प्रमुख आयातक देशों द्वारा कम मात्रा में मलेशियाई पाम तेल की खरीद की गई।
इस आंकड़े में सॉफ्ट तेलों, नारियल तेल तथा यूज्ड कुकिंग ऑयल (यूसीओ) का शिपमेंट शामिल नहीं है। फरवरी के प्रथम पखवाड़े की तुलना में मार्च के दो शुरूआती सप्ताहों के दौरान मलेशियाई पाम तेल के निर्यात में करीब 10 प्रतिशत या 40,635 टन की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि फरवरी की तुलना में मार्च के दौरान भारत में मलेशिया से पाम तेल का निर्यात 13 प्रतिशत या 7570 टन बढ़कर 64,320 टन पर पहुंच गया जिसके तहत खासकर क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का शिपमेंट 55,250 टन से बढ़कर 60,820 टन हो गया लेकिन पाकिस्तान में मार्च के दौरान पाम तेल उत्पादों का कोई आयत नहीं हुआ जबकि फरवरी के प्रथम पखवाड़े में वहां 21 हजार टन पाम तेल मंगाया गया था।
इसी तरह श्रीलंका में भी मलेशियाई पाम तेल का निर्यात फरवरी के 3 हजार टन से घटकर मार्च में शून्य रह गया। मध्य पूर्व के देशों में इसी अवधि के दौरान पाम तेल उत्पादों का निर्यात 32,600 टन से 58 प्रतिशत घटकर 23,400 टन पर अटक गया। फरवरी में वहां रमजान की मांग रही थी।
सोयाबीन तेल का भाव प्रतिस्पर्धी स्तर पर होने के कारण मार्च में चीन में भी मलेशियाई पाम तेल का आयात कम हुआ।
वहां फरवरी में 14,140 टन पाम तेल मंगाया गया था जो मार्च में 64 प्रतिशत लुढ़ककर 7900 टन पर अटक गया। चीन में मुख्यतः पाम एसिड ऑयल (पीएओ) तथा पाम स्टेरिन का आयात किया गया
जबकि पामोलीन का नगण्य आयात हुआ। यूरोपीय संघ में मलेशिया से पाम तेल का निर्यात 63,144 टन से करीब दोगुना बढ़कर 1,16,259 टन पर पहुंच गया।
